हाईकोर्ट ने अशोक विहार स्थित मांटफोर्ट स्कूल प्रशासन को एक प्री-मैच्योर बच्ची को एलकेजी में दोबारा दाखिला देने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले में स्कूल प्रशासन व शिक्षा निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। न्यायमूर्ति वीके राव ने यह निर्देश बच्ची के पिता की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
बच्ची के पिता ने तर्क रखा था कि उनकी बेटी का 27वें सप्ताह में जन्म हुआ था। पैदाइश के समय उसका वजन मात्र 850 ग्राम था। इसके चलते उसका शारीरिक विकास पूरी तरह नहीं हुआ।
इस कारण उसे न सिर्फ बोलने में दिक्कत आती है, बल्कि अपनी उम्र के अन्य बच्चों के मुकाबले वह पढ़ाई-लिखाई में काफी कमजोर है। बच्ची के शिक्षकों ने भी माना है कि अपनी कक्षा में ही वह अन्य बच्चों से पीछे है। ऐसे में उसे एलकेजी में दोबारा पढ़ने की अनुमति दी जाए।
याची संदीप धवन के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने अदालत को बताया कि बच्ची का शैक्षणिक सत्र 2016-17 में मांटफोर्ट स्कूल में एलकेजी में दाखिला करवाया गया था। दाखिले के समय उसकी आयु तीन वर्ष से ज्यादा थी।
इस साल उसे यूकेजी (शैक्षणिक सत्र 2017-18) में प्रमोट किया जा रहा है, लेकिन उनका मुवक्किल चाहता है कि उसकी बेटी एलकेजी दोबारा करे, ताकि वह आगे चलकर अन्य बच्चों से पीछे न रह जाए। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रधानाचार्य व शिक्षा निदेशालय में गुहार लगाने के बावजूद कुछ नहीं किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई 19 अप्रैल तय की है।