दिल्ली विश्वविद्यालय में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत स्नातक स्तर के साइंस कोर्स में प्रैक्टिकल का मूल्यांकन पचास-पचास फीसदी के आधार पर होगा।
इसमें कोर व इलेक्टिव पेपर के प्रैक्टिकल का मूल्यांकन 50 फीसदी और बाकी 50 फीसदी का मूल्यांकन छात्रों के किए गए प्रयोगों का होगा। प्रयोगों का मूल्यांकन छात्र द्वारा पूरे सेमेस्टर में किए प्रयोगों की संख्या के मुताबिक होगा।
प्रैक्टिकल का 50 फीसदी मूल्यांकन कम से कम एक बाहरी परीक्षक से किया जाएगा। परीक्षक डीयू विभाग की कोर्स कमेटी की ओर से नियुक्ति होगा। डीयू प्रशासन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
इसमें स्पष्ट किया गया है कि छात्र पूरे सेमेस्टर में जितने भी प्रयोग करेगा, उन्हें आंतरिक परीक्षक की ओर से अवार्ड लिस्ट में रिकॉर्ड किया जाएगा। सीबीसीएस के तहत कौशल विकास कोर्स के प्रैक्टिकल का मूल्यांकन आंतरिक परीक्षक द्वारा ही होगा।
उल्लेखनीय है डीयू में नवंबर-दिसंबर में सेमेस्टर परीक्षाओं का दौर शुरू होने जा रहा है। लिहाजा, प्रशासन ने पहले से ही मूल्यांकन के संबंध में सूचना जारी कर दी है।