जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में मतदान की सुबह कैंपस में जगह-जगह एबीवीपी के नाम से पोस्टर लगाए गए थे। इसमें मतदान की अपील करते हुए शार्ट ड्रेस और नॉन वेज पर रोक की बात लिखी गई थी।
जगह-जगह पोस्टर लगने से शुक्रवार सुबह छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। उधर, एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ का का कहना है कि वोट बैंक खत्म करने की साजिश के तहत मतदान के दिन पोस्टर लगाए गए हैं। हम छात्रों के अधिकारों और आजादी की बात करते हैं।
कैंपस में एबीवीपी के नाम से मतदान केंद्रों के बाहर लगाए गए इन पोस्टर में एक बार सत्ता में आने का मौका देने की बात कही गई थी। इसमें लिखा था कि एबीवीपी सत्ता में आती है तो इंटरनेशनल रिलेशन पर आधारित स्टडी सेंटर बंद कर दिए जाएंगे।
स्कूल ऑफ साइंसेज में मिनरल वाटर, लड़कियों के लड़कों के हॉस्टल में जाने व छोटे कपड़े पहनने, ढाबा में नॉनवेज पर रोक, जन्मदिन मनाने, सिगरेट व शराब पर रोक लगेगी। यूपी व मध्य प्रदेश के छात्रों को दाखिले में विशेष आरक्षण, देशविरोधी गतिविधियों पर अधिक जुर्माना लगाया जाएगा। पाठ्यक्रम में भगवान राम व स्वामी विवेकानंद को शामिल किया जाएगा।