यूजीसी नेट की वर्ष में एक बार परीक्षा कराने को लेकर प्रयास तेज हो गए है। सीबीएसई ने कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के लिए शिक्षकों की भर्ती से संबंधित योग्यता परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) को वर्ष में एक बार कराने के लिए प्रस्ताव यूजीसी को दिया है। बताया जा रहा है कि वर्ष में एक बार परीक्षा होने से विद्यार्थी गंभीरता से शामिल होंगे।
एक बार परीक्षा से कम विद्यार्थी नेट पास करेंगे। ऐसे में उन्हें नौकरी मिलने में आसानी रहेगी। वहीं परीक्षा के लिए जरूरी संसाधन एवं उम्मीदवारों की संख्या को ध्यान में रखकर विचार किया जा रहा है।
दो बार की परीक्षा के प्रति गंभीर नहीं छात्र
फरीदाबाद से 4 हजार आवेदक यूजीसी नेट के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन परीक्षा में सिर्फ नाम मात्र के परमीक्षार्थी शामिल होते हैं। दो बार परीक्षा होने से विद्यार्थी इसे गंभीरता से नहीं लेते।
दिसंबर 2016 में फरीदाबाद में यूजीसी नेट के दस केंद्रों पर परीक्षा हुई थी, जिसमें 3500 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन कुल 800 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। सेक्टर-9 स्थित डिवाईन पब्लिक स्कूल में बने सेंटर पर 300 विद्यार्थियों में से कुल 80 विद्यार्थियों ने ही परीक्षा दी।
वर्ष में एक बार परीक्षा होने से विद्यार्थी परीक्षा के प्रति गंभीर नजर आएंगे। तैयारी के साथ परीक्षा करने से आसानी से परीक्षा पास हो सकती है।
-एसएस गौंसाई, अध्यक्ष, हरियाणा स्कूल प्रोग्रेसिव कांफ्रेस।
वर्ष में एक बार परीक्षा पास होने से नेट पास करने वाले सभी विद्यार्थियों को आसानी से नौकरी मिल जाएगी। वहीं परीक्षा के प्रति गंभीरता नजर आएगी।
-रचना कसाना, नेट क्वालिफाई लेक्चरार, डीएवी कॉलेज