निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के विरोध में रविवार को कई स्कूलों के अभिभावकों ने जिलाधिकारी के आवास पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने बढ़ी फीस देने से इनकार कर दिया।
इस दौरान जिलाधिकारी के नहीं होने की वजह पर अभिभावकों को शांत कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट रामानुज सिंह को आना पड़ा। उन्होंने अभिभावकाें को आश्वासन दिया कि जब तक स्कूलों के साथ मीटिंग कर फीस बढ़ोतरी को लेकर निष्कर्ष नहीं हो जाता, तब तक स्कूल किसी भी बच्चे को परेशान नहीं करेंगे।
सुबह 11 बजे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के अभिभावक नोएडा स्टेडियम में एकत्र हुए। पहले उन्होंने स्टेडियम में ह्यूमन चेन बनाकर फीस बढ़ोतरी के विरोध में एकता का संदेश दिया।
यहां मौजूद अभिभावकों का कहना था कि वे अब फीस को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उसके बाद अभिभावकों और उनके बच्चों ने डीएम ऑफिस तक पैदल मार्च निकाला। उन्होंने स्कूलों के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दारान स्टेडियम से डीएम चौक जाने वाली रोड पर जाम लग गया। जिलाधिकारी के ऑफिस पर पहुंचने के बाद अभिभावकों के स्कूलों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अभिभावकों का कहना था कि शहर के प्रत्येक स्कूल ने 40 से 50 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है।
प्रशासन की तरफ से स्कूलों को सिर्फ नोटिस दिए जा रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं स्कूल फीस जमा नहीं करने वाले बच्चों के नाम काट रहे हैं। ऐसे में हमारे बच्चों का भविष्य का खतरे में है।
अभिभावकों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल बुला लिया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट वहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिलाधिकारी एनपी सिंह से बात कर सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए जाएंगे कि जब तक फीस वृद्धि को लेकर कोई निर्णय नहीं हो जाए, तब तक स्कूल बच्चों के नाम नहीं काटेंगे।
अभिभावकाें ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में ऑल नोएडा स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन की ओर से यतेंद्र कसाना, के.अरुनचलम, मनोज कटारिया, निति श्रीवास्तव, अरुणेश, दिनेश सिंह, वंदना आदि शामिल थे। अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूलों की मनमानी यूं ही चल रही तो वे स्कूलों के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।
अभिभावकाें की मांगें
-स्कूलों पर फीस वृद्धि को लेकर नियम बनाया जाए। इसमें अधिकतम फीस की सीमा तय हो।
- स्कूलों की तरफ से बढ़ाई गई 25 प्रतिशत तक फीस वापस ली जाए।
- नर्सरी के बच्चों से विज्ञान की प्रयोगशाला और कंप्यूटर शुल्क न लिया जाए।
- स्कूलों की ओर से बाजार मूल्य से अधिक दामों पर स्टेशनरी दिए जाने पर रोक लगाई जाए।
अभिभावकों ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
रविवार से अभिभावकों ने निजी स्कूलों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान की भी शुरुआत की। पहले दिन नोएडा स्टेडियम में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि के विरोध में 200 अभिभावकों ने हस्ताक्षर किए।
स्कूलों को भेजा जाएगा सर्कुलर
स्कूलों के साथ मीटिंग के लिए सोमवार को सभी स्कूलों को सर्कुलर भेजा जाएगा। मीटिंग में सभी स्कूलों की प्रिंसिपल और अभिभावक संघ के कुछ सदस्यों को शामिल किया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट रामानुज सिंह ने बताया कि इस मामले में जिलाधिकारी से बात हो गई है। सर्कुलर भेजकर सभी प्रिंसिपल को मीटिंग के लिए बुलाया जाएगा।