देरी से स्कूल पहुंचने वाले और समय से पहले स्कूल छोड़ने वाले शिक्षक अब बच नहीं पाएंगे। डिजिटलाइजेशन पर जोर देते हुए अब स्कूलों को पूरी तरह से बायोमेट्रिक करने का निर्णय लिया गया है। बायोमेट्रिक मशीन को लेकर उठ रही विरोध की आवाज को दबाते हुए शिक्षा विभाग ने इस महीने के अंत तक इस प्रणाली को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बायोमेट्रिक सुविधा होने के बाद शिक्षकों की उपस्थिति, आने व जाने के समय की ऑनलाइन मॉनीटरिंग होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शिक्षा विभाग ने मशीनों को एक्टिवेट करने का काम शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि दो से तीन दिन में सभी मशीनों को एक्टिवेट कर दिया जाएगा और नए साल से अध्यापकों की हाजिरी नई प्रणाली के तहत होगी। इसके लागू होने के बाद शिक्षक नियमित रूप से स्कूल आ सकेंगे। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। बता दें कि जिले में 240 प्राथमिक स्कूल हैं, जबकि 44 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं।
बायोमेट्रिक मशीनों को एक्टिवेट करने का काम किया जा रहा है। दो से तीन दिन में कार्य पूर्ण हो जाएगा। माह के अंत तक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन हो जाएगी। -सतेंद्र कौर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद।