दिल्ली विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र 2017-18 में स्नातक कोर्सेज की लगभग 56 हजार सीटों के लिए दाखिले की ऑनलाइन रेस कल यानि सोमवार शाम पांच बजे से शुरू होने जा रही है। बीते साल दाखिले के लिए शुरू की गई ऑनलाइन प्रक्रिया को इस बार स्टूडेंट फ्रैंडली व फुल प्रूफ बनाया गया है।
खास बात यह है बीते साल की तरह ही इस बार भी एक ही फॉर्म के माध्यम से सामान्य-ओबीसी, एससी-एसटी के साथ-साथ कश्मीरी विस्थापित, ईसीए-स्पोर्ट्स, दिव्यांग श्रेणी व नॉन कालिजिऐयट के आवेदन भी ऑनलाइन ही होंगे। ऑनलाइन आवेदन 12 जून तक किया जा सकेगा। पहली कट ऑफ 20 जून को आएगी जिसके बाद दाखिला प्रक्रिया 16 अगस्त तक संपन्न हो जाएगी।
डीयू दाखिला समिति चेयरमैन एम.केपंडित ने बताया कि ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के तहत इस बार पूरी दाखिला प्रक्रिया को स्टूडेंट फ्रैंडली बनाया गया है। दाखिले के लिए एक अलग से पोर्टल होगा, जिसमें कि व्यक्तिगत जानकारी से लेकर फीस जमा कराने की जानकारी चरणबद्ध तरीके से हिंदी व अंग्रेजी में होगी। पोर्टल पर आवेदन करने के लिए आवेदकों को पहले अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण सफलता पूर्वक हो जाने की जानकारी भी इस बार डीयू देगा।
इस बार तीन तरीके से यह जानकारी दी जाएगी। सबसे पहले जहां फॉर्म भरा वहीं संदेश आएगा, दूसरा ईमेल पर भेजा जाएगा व तीसरा मोबाइल नंबर पर जानकारी दी जाएगी। उसके बाद एक विंडो खुलेगी जिसमें नौ टैब होंगे हर टैब पर जाकर अलग-अलग जानकारी भरनी होगी। खोलने से पहले हर टैब का रंग लाल होगा, जैसे-जैसे टैब पर आवेदक जानकारी भरता जाएगा, वैसे-वैसे टैब का रंग हरा होता जाएगा।
यदि किसी आवेदक ने टैब पर सिर्फ जानकारी पढ़ी होगी तो टैब का रंग पीला हो जाएगा। इन टैब में कोर्स, कॉलेज, शैक्षणिक योग्यता व अंक, अनिवार्य दस्तावेज, बैंक खाते की जानकारी को भरना होगा। पोर्टल से आवेदन करने के बाद छात्रों को इसके साथ ही अपने स्कैन दस्तावेज ऑनलाइन ही अपलोड करने होंगे।
पूल मनी सिस्टम से भरी जाएगी कॉलेज की फीस
दाखिला समिति चेयरमैन डॉ एम.के पंडित ने बताया कि डीयू में इस बार फीस भरने व रिफंड के लिए पूल मनी सिस्टम बनाया गया है। इससे छात्रों को काफी सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि इस यदि किसी आवेदक का दाखिला पहली कट ऑफ के आधार पर हो गया और उसने कॉलेज के कोर्स की फीस उदाहरण के तौर पर 28 हजार रुपये भर दी। उसके बाद यदि दूसरी कट ऑफ में उसका दाखिला दूसरे कॉलेज में उसी कोर्स या अन्य कोर्स में हो गया तो उसे दोबारा फीस भरने की जरूरत नहीं।
मसलन यदि दूसरे कॉलेज की फीस कम है तो उसकी फीस रिफंड हो जाएगी और यदि दूसरे कॉलेज की फीस दो हजार रुपये अधिक है तो उसे मात्र दो हजार रुपये ही जमा करने होंगे। इस तरह से उसे बार-बार फीस नहीं देनी होगी। यदि फीस रिफंड करनी होगी तो वह उसे दाखिले की अंतिम तिथि तक उसके खाते में ही भेज दी जाएगी। ऐसा आगे भी होता रहेगा, मसलन वह छठी कट ऑफ तक दाखिला रद करा कर दाखिला लेता रहेगा तो उसकी यह फीस ही आगे तक चलती रहेगी। इस तरह से उसे बार-बार फीस रिफंड कराने और उसे लेने के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
आवेदक या परिवार के सदस्य के बैंक खाते में ही जाएगी फीस
डीयू में इस बार दाखिला रद कराने पर फीस रिफंड के लिए कॉलेजों के पास ड्रॉफ्ट या चेक लेने के लिए नहीं जाना होगा। दरअसल, इस बार डीयू प्रशासन पहली बार आवेदन फॉर्म में आवेदक या परिवार के किसी सदस्य केबैंक की खाते की जानकारी लेने जा रहा है। इससे जो भी फीस रिफंड होगा वह सीधा खाते में ही जाएगा। डॉ. एम.के पंडित ने बताया कि डीयू में कई राज्यों से आवेदन आते हैं। बीते साल ऐसा देखने में आया कि आवेदकों ने फीस का भुगतान साइबर कैफे वालों से ही अतिरिक्त शुल्क देकर कराया। चूंकि साइबर कैफे वाले ने अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया था लिहाजा रिफंड व उसकी जानकारी भी उन्हीं को मिली। लेकिन इस बार बैंक खाते केप्रावधान के कारण यह समस्या नहीं होगी।
आवेदक एक से ज्यादा फॉर्म नहीं भर पाएंगे
डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने बताया कि इस बार आवेदक बीते साल की तरह एक से ज्यादा फॉर्म नहीं भर पाएंगे। दरअसल डीयू ने डुप्लीकेसी को रोकने के लिए और सिस्टम को फुल प्रूफ बनाने के लिए सीबीएसई के साथ अंकों के लिए इंटरग्रेटिड कर रहे हैं। फॉर्म भरते समय जैसे ही छात्र अपने बोर्ड के विकल्प में सीबीएसई बोर्ड का विकल्प भरेगा और रोल नंबर डालेगा तो उसके अंक फॉर्म में अपने आ जाएंगे। इस तरह से वह उस रोल नंबर के माध्यम से दूसरा फॉर्म नहीं भर सकेगा। इससे हर साल फॉर्म भरने वालों की संख्या जो लाखों में पहुंच जाती थी उस पर भी लगाम लगेगी। साथ ही सही आवेदक का फॉर्म सामने आएगा। इस बार छात्रों को दाखिला प्रक्रिया जारी रहने तक यह सुविधा है कि वह चाहे तो अपने फॉर्म में सुधार कर सकेगा। क्योंकि डीयू दाखिला पोर्टल पर पंजीकरण केबाद उसका फॉर्म हमेशा खुला रहेगा।