अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्रों की लंबित स्कॉलरशिप राशि खाते में भेजने का काम 15 जुलाई की बजाय 31 जुलाई तक पूरा होगा। मुख्य सचिव डॉ. एमएम कुट्टी ने सोमवार शाम को एक प्रजेंटेशन दिया, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम मौजूद थे।
इसमें बताया गया कि अभी तक 5 लाख स्कॉलरशिप दी जा चुकी हैं, जबकि 1.77 लाख लंबित हैं। इनमें से एक लाख एमसीडी, एनडीएमसी, छावनी बोर्ड और शिक्षा विभाग की अगले दस दिन में दे दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, 77 हजार स्कॉलरशिप में छात्रों के सत्यापन व अन्य प्रक्रिया पूरी करके राशि खाते में भेजने में 31 जुलाई तक का समय लगेगा। फिर जो 55 हजार स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक छात्रों से जुड़ी हैं, उसे दिल्ली सरकार खुद अपने बजट से देगी।
इस स्कॉलरशिप में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के मामले हैं। अभी दिल्ली सरकार अपने खजाने से छात्रों के खाते में पैसा भेज देगी और फिर केंद्र सरकार के साथ औपचारिकताएं पूरी करके राशि लेगी।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा में छात्रों की स्कॉलरशिप का मामला उठाया गया। वहां बताया गया था कि 16 महीने से मामले लंबित हैं। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
इसमें विपक्ष के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने सुझाव दिया था कि दिल्ली सरकार अपने बजट से छात्रों को भुगतान कर सकती है। पूर्व में दिल्ली डॉयलॉग एवं डेवलपमेंट कमीशन ने स्कॉलरशिप में देरी की जांच की थी, जिसे जल्द निपटाने के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा था।