फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर पांच में से एक छात्रा यौन उत्पीडन की शिकारः एनएसयूआई का सर्वे

Thu, 26 Apr 2018 08:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय
विज्ञापन

दिल्ली विश्वविद्यालय कैंपस में हर पांच में से एक छात्रा किसी न किसी रूप से यौन उत्पीडन की शिकार होती है। यह खुलासा एनएसयूआई की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है, जोकि डीयू के 24 कॉलेजों के 810 छात्रों पर करवाया गया है। इसमें 90 फीसदी छात्राएं तो दस फीसदी छात्र शामिल रहे।

विज्ञापन


खास बात यह है कि 69 फीसदी छात्राओं ने कहा कि वे डीयू कैंपस में सुरक्षित महसूस करती हैं। जबकि 93 फीसदी ने माना कि वे कॉलेज में सुरक्षित हैं।  वहीं, 31 फीसदी ने कहा कि वे सफर के दौरान सुरक्षित महसूस करती हैं।
 
डीयू एनएसयूआई विंग ने बृहस्पतिवार को मार्च में आयोजित सर्वे रिपोर्ट जारी की, जोकि डुसू से संबंधित कॉलेजों में सर्वे के दौरान बसों में सीसीटीवी व गार्ड, काउंसलर, पुलिस पेट्रोलिंग, महिला सुरक्षा गार्ड, आत्मसुरक्षा के गुर, महिला हेल्पलाइन, इंटरनल कंप्लेंट कमेटी, रोशनी की व्यवस्था व स्वच्छ शौचालय पर सवाल पूछे गए थे। सर्वे में अस्सी फीसदी ने माना कि विवि प्रबंधन की अनदेखी के चलते कैंपस सुरक्षित नहीं है।
विज्ञापन


यूजीसी सैक्सुअल हरासमेट 2015 की गाइडलाइन्स की अनदेखी की जाती है। करीब 180 छात्राओं ने यौन उत्पीडन से जुड़ी आपबीती सुनाई। इसमें 40 मामले ऐसे थे, जिसमें छुने की कोशिश की गयी। जबकि अन्य में व्हाट्सेएप, मोबाइल पर गंदे कमेंट, सोशल मीडिया आदि पर परेशान करना शामिल है।   
 

विज्ञापन

सर्वे के महत्वपूर्ण बिंदू  

- फोटो : अमर उजाला
. अधिकतर छात्राओं ने बताया कि उन्हें यौन उत्पीडन मामलों के लिए यूजीसी दिशा-निर्देश के तहत गठित इंटरल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी)के बारे में जानकारी नहीं है।  

. पीजी की बजाय डीयू कॉलेज के हॉस्टल अधिक सुरक्षित हैं, लेकिन जगह नहीं मिलती है।  

.प्रति पांच में से चार ने दिल्ली पुलिस को सुरक्षित कैंपस न होने का जिम्मेदार बताया।  

. 303 छात्राओं ने कहा कि उन्होंने किसी भी बस में सीसीटीवी नहीं देखा। बस में महिला या पुरुष गार्ड नहीं मिलते हैं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें