सरकार केगैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को आगामी शैक्षणिक सत्र से बंद करने के आदेश ने अभिभावकों के सामने उलझन खड़ी कर दी है। राजधानी में लगभग तीन हजार के आसपास ऐसे स्कूल हैं जो कि गैर मान्यता प्राप्त हैं।
नर्सरी दाखिले की पहली सूची जारी होने के बाद ऐसे स्कूलों से अभिभावकों को दाखिले के लिए फोन आ रहे हैं। अभिभावकों केसामने सवाल यह है कि जब यह स्कूल बंद होने हैं तो वह दाखिला कैसे ले रहे हैं।
राजधानी में कई ऐसे बड़े स्कूल हैं जिनकी छोटी ब्रांच चल रही है। छोटे स्कूलों को मान्यता नहीं मिली हुई है। अब ऐसे स्कूलों से अभिभावकों को दाखिले के लिए फोन आ रहे हैं।
कई ऐसे अभिभावक हैं जिनका दाखिला नंबर पहली सूची में नहीं आया है। ऐसे में वह इसमें दाखिले की सोच रहे हैं। लेकिन डर यह भी है कि यदि स्कूल बंद हो गया तो क्या होगा।
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.सी जैन का कहना है कि यदि किसी बड़े स्कूल की छोटी ब्रांच चल रही है और वह बंद हो जाती है तो उन बच्चों को बड़े स्कूल में शिफ्ट करना होगा।
वहीं अभिभावकों के डर पर विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल मान्यता प्राप्त है या गैर मान्यता प्राप्त, इसकी जानकारी अभिभावकों को स्कूल जाकर अवश्य लेनी चाहिए। यदि वह जानकारी पहले से ही ले लेंगे तो उन्हें बाद में दाखिला रद होने का डर नहीं सताएगा।