नर्सरी दाखिले की पहली सूची देखते अभिभावक।
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी में नर्सरी दाखिले को लेकर स्कूलों ने पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुछ पास हो गए तो अधिकांश अभिभावकों की परेशानी अभी भी कायम है। पहली सूची में दाखिले के रण में जिन अभिभावकों ने विजय पाई उनमें उनकी नैय्या पड़ोस, पूर्व छात्र व भाई-बहन जैसे मानकों ने ही पार लगाई।
उधर, कई अभिभावक ऐसे हैं जिन्होंने 45-55 स्कूलों में आवेदन किया, लेकिन पहली सूची में उन्हें निराशा हाथ लगी है। उनका आरोप है कि सूची जारी करने में स्कूूलों ने अपने फंडे अपनाए।
राजधानी में 80 फीसदी स्कूलों ने जनवरी में शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया में पहली सूची जारी की है। सूची देखने के लिए स्कूलों में अभिभावकों की भारी भीड़ देखने को मिली।
50 से अधिक अंक वाले ही दाखिला पाने में कामयाब हो पाए हैं
नर्सरी दाखिले की पहली सूची देखते अभिभावक।
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विभिन्न स्कूलों की लिस्ट देखने में आया कि 50 से अधिक अंक वाले ही दाखिला पाने में कामयाब हो पाए हैं। डीपीएस सभी ब्रांच, स्प्रिंगडेल्स, बाल भारती, रामजस आरकेपुरम, रेयान वंसत कुंज, रेड रोज साकेत समेत अन्य स्कूलों ने अपनी सूची जारी की। पहली लिस्ट में जो अभिभावकों नाम नहीं आ पाने के कारण मायूस हैं, अब उनकी आस वेटिंग लिस्ट पर टिकी गई है।
दक्षिणी दिल्ली निवासी एक अभिभावक ने 55 से अधिक स्कूलों में आवेदन किया, लेकिन किसी भी स्कूल की पहली सूची में उनके बच्चे का नाम नहीं आया। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि दाखिला कैसे होगा।
एक अन्य अभिभावक ने 44 स्कूलों में आवेदन किया, लेकिन एक भी जगह सीट पक्की नहीं हुई। वहीं, एक एमबीबीएस व एमडी डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने अपने घर के आसपास के 29 स्कूलों में आवेदन किया। अब वे कहीं दाखिला नहीं होने पर वह मैनेजमेंट कोटा से दाखिले की सोच रही हैं।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के संस्थापक सुमित वोहरा ने बताया कि पहली सूची के बाद देखने में आया है कि स्कूलों ने स्वायत्तता के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। कोर्ट में केस जीतने के बाद स्कूलों ने खूब मनमानी की है।