पढ़ाई के साथ आप में कोई एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटी (ईसीए) करते हैं तो डीयू में दाखिला पक्का हो सकता है। एक्स्ट्रा एक्टिविटी में खेल के साथ डांस, गाना, कोरियोग्राफी, फाइन आर्ट्स जैसी एक्टिविटी शामिल हैं।
इन वर्गों के अंतर्गत आने वाले छात्रों को डीयू के कॉलेजों में 5 फीसदी सीटें आरक्षित होती हों। अलग-अलग कॉलेज में सीटों की यह संख्या अलग-अलग होती है। हालांकि इसमें दाखिला पाना अलग-अलग नहीं होता है। इसके लिए फिटनेस टेस्ट के साथ आवेदकों को 2 स्तर पर ट्रायल देना होता है।
कैसे करें आवेदन, कहां होगा ट्रायल
डीयू ने इस बार ईसीए के अंतर्गत आने वाले छात्रों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी है। ऑनलाइन आवेदन के बाद आपको ट्रायल देना होगा। ट्रायल की तारीखें कॉलेज तय करेंगे, ये अभी तक तय नहीं हो पाईं हैं।
इसकी जानकारी डीयू और कॉलेज की वेबसाइट पर मिल जाएगी। दो स्तर पर होने वाली ट्रायल में प्राथमिक ट्रायल में पास होने वाले को ही फाइनल ट्रायल में मौका मिलेगा। इससे पहले खेलकूद वाले आवेदक को एक फिटनेस सर्टिफिकेट भी लेना होगा। यह सर्टिफिकेट सभी कॉलेजों में मान्य होगा।
कैसे बनती है मेरिट
कॉलेजों में 5 फीसदी सीटें इस कोटे के आवेदकों के लिए आरक्षित होती हैं। छात्रों को अपने ईसीए से संबंधित सर्टिफिकेट दिखाने होते हैं। उन्हें 25 फीसदी अंक मिलते हैं। 75 फीसदी अंक मार्क्स ट्रायल पर मिलता है।
लेकिन सर्टिफिकेट वहीं मान्य होगा जो बीते 3 साल में हासिल किया हो। इस बार ट्रायल में न्यूनतम 50 फीसदी मार्क्स हासिल करना अनिवार्य है। तभी वह फाइनल ट्रायल के लिए आगे लिया जाएगा और उसे मेरिट सूची में शामिल किया जाएगा।
ये है ट्रायल की प्रक्रिया
अभी तक ट्रायल की तारीखें तय नहीं हैं। लेकिन इसके ट्रायल की पारदर्शिता के लिए वीडियो रिकार्डिंग कराई जाती है। पूरी दाखिला प्रक्रिया ईसीए एडमिशन कमेटी की निगरानी में होती है। यह 5 सदस्यीय कमेटी कॉलेज की स्टाफ काउंसिल की ओर से तय की जाती है।
इसमें प्रिंसिपल अध्यक्ष होता है। कल्चरल कमेटी इंचार्ज, नॉमनी ऑफ कल्चरल सोसाइटी के अलावा दो विशेषज्ञ होते हैं। ये नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, कॉलेज ऑफ आर्ट्स, संगीत नाटक अकादमी, श्रीराम सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स, फैकल्टी ऑफ म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स, साहित्य कला परिषद, दूरदर्शन समेत अन्य जगहों से ले सकते हैं।
इसी तरह स्पोर्ट्स में कॉलेज पहले आवेदकों का फिटनेस टेस्ट व ट्रायल होता है। अलग-अलग खेल के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स काउंसिल (डीयूएससी) इसे चिन्हित करता है। अभी इस संबंध में भी कोई अधिसूचना या तारीख तय नहीं हुई है।
इसमें एक सुपर कैटिगरी भी होती है जिसे बिना ट्रायल के दाखिला मिलता है। यह वह खिलाड़ी होता है जो कि ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स, पैरालिंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स खेल चुका हो। या फिर ऐसे गेम्स जिन्हें इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन से मान्यता मिली हो।