आयुष के विषयों आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, योग, यूनानी और सिद्धा चिकित्सा में अब पीएचडी भी होगी। आयुष के इन विषयों को बढ़ावा देने के क्रम में सरकार का रिसर्च की ओर ध्यान गया है। सभी विश्वविद्यालयों को आयुष में पीएचडी कराने के लिए कहा गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसके लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी है। आयुष विभाग पीएचडी करने वाले 200 विद्यार्थियों को सहायता भी देगा। खास यह कि इनमें 125 विद्यार्थी तो आयुष विषयों के होंगे, वहीं 75 इससे संबंधित तकनीकी पर रिसर्च करेंगे।
आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी और सिद्धा के साथ योग को विषय के रूप में पहले ही स्वीकृति मिल गई है। योग में स्नातक स्तर पर एमबीबीएस की डिग्री देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा इसे यूजीसी नेट के विषयों में शामिल कर लिया गया है।
इन विषयों में रिसर्च के लिए सेंटर काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज, होम्योपैथी, योगा एंड नेचुरोपैथी, यूनानी तथा सिद्धा का गठन किया गया है। ये संगठन रिसर्च में एक-दूसरे की मदद तो करेंगे ही दूसरे प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों से भी समझौते होंगे।
यूजीसी के सचिव प्रोफेसर जसपाल एस.संधू ने विश्वविद्यालयों को भी पत्र लिखकर पीएचडी कार्यक्रम में इन विषयों को भी शामिल करने तथा विद्यार्थियाें के दाखिला के लिए कहा है। आयुष विभाग की ओर से पीएचडी के लिए 200 विद्यार्थियों को तो पूरी मदद दी ही जाएगी, अन्य विद्यार्थी भी छात्रवृत्ति की अन्य योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।