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डीयू रजिस्ट्रार और अंबेडकर कॉलेज को नोटिस, 15 दिन का दिया गया समय

Fri, 15 Mar 2019 03:34 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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अंबेडकर कॉलेज में एडहॉक (तदर्थ) शिक्षक के पद को अतिथि (गेस्ट) शिक्षक में तब्दील करने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीयू रजिस्ट्रार और कॉलेज प्रिंसिपल को नोटिस दिया है। आयोग ने नोटिस का जवाब 15 दिन के अंदर देने के लिए कहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी एसटी, ओबीसी टीचर्स फोरम के महासचिव प्रो केपी सिंह यादव ने इस मामले में आयोग में याचिका दायर की थी। आयोग ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है।

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डीयू रजिस्ट्रार और कॉलेज प्रिंसिपल को भेजे गए नोटिस में कहा है कि फोरम के महासचिव का अभ्यावेदन प्राप्त हुआ है। आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के अंतर्गत उसे प्रदत्त शक्तियों का पालन करते हुए मामले की जांच करने का फैसला किया है। नोटिस के प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर डाक या स्वयं उपस्थित होकर तथ्यों और मामले पर की गई कार्रवाई से संबंधित सूचना प्रस्तुत करने को कहा है। 

यदि 15 दिन की अवधि के भीतर आयोग को उत्तर प्राप्त नहीं होता तो वह भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 क के खंड (8) के अंतर्गत प्रदत्त दीवानी अदालत की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। साथ ही व्यक्तिगत रूप से या प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी कर सकता है। 
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प्रो. यादव ने अपनी याचिका में बताया था कि भीमराव अंबेडकर कॉलेज ने अपने यहां एडहॉक टीचर्स के पदों का जो विज्ञापन निकाला, उस विज्ञापन के अनुसार हिंदी-एससी-2, एएसटी-1, ओबीसी-1, पद के अलावा एक गेस्ट टीचर के लिए था। इसी तरह से साइकोलॉजी डिपार्टमेंट और राजनीति विज्ञान विभाग में निकाले गए पदों को भी एडहॉक के स्थान पर उन्हें गेस्ट फैकल्टी के रूप में तब्दील कर दिया गया।

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