दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को पदभार संभाले लगभग 19 माह हो चुके हैं, लेकिन अब तक कॉलेजों में एक भी स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है। डीयू के शिक्षक संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट (एनडीटीेेएफ) ने यह बात आर्ट्स फैकल्टी के बाहर आयोजित भूख हड़ताल और धरने में कही।
एनडीटीएफ ने कुलपति से मांग बिना देरी नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। एनडीटीएफ द्वारा मंगलवार को आयोजित इस धरने का समापन देर शाम हुआ। इस दौरान हड़तालियों ने एक स्वर में कहा कि हजारों शिक्षकों को तदर्थ आधार पर काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। महिला शिक्षक मातृत्व अवकाश से वंचित हैं।
एनडीटीएफ के अध्यक्ष ए. के भागी ने कहा कि सभी तदर्थ शिक्षकों को सालाना वेतन वृद्धि, चिकित्सा लाभ, छुट्टी और एलटीसी नहीं दिया जाता है। वहीं, इस दौरान एक सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की गई। जिसमें वरिष्ठ शिक्षाविदों व डीयू ईसी सदस्य शामिल हुए।
जूरी के रुप में उपस्थित शिक्षाविदों ने निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय द्वारा अगले छह माह में कॉलेजों और विभागों में नियमितीकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सीएएस -2010 के तहत पदोन्नत करने वाले सभी शिक्षकों को एमपीएस 1998 योजना के तहत पदोन्नत किया जाए।