राजधानी के नामी स्कूलों में चलने वाले मांटेसरी व प्री स्कूल (प्ले स्कूल) अलग से प्रक्रिया बनाकर दाखिले नहीं ले सकते। इन स्कूलों को भी शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को ही मानना होगा। शिक्षा निदेशालय ने नर्सरी दाखिले को लेकर जारी की गई गाइड लाइंस मेें स्पष्ट किया है कि प्री स्कूल या मांटेसरी स्कूल को मुख्य स्कूल का हिस्सा ही माना जाएगा। इस तरह से मुख्य स्कूल के लिए जारी गाइड लाइंस प्ले स्कूल पर भी मान्य होगी।
निदेशालय के नियमों के मुताबिक यदि किसी स्कूल की नर्सरी विंग (खंड) मांटेसरी व प्री स्कूल उसी स्कूल के परिसर में है और दोनों स्कूल को एक ही सोसायटी चला रही है तो वह खंड उसी स्कूल का हिस्सा माना जाएगा।
कई स्कूल ऐसे खंड और अन्य शाखाएं चलाते हैं। इन शाखाओं में स्कूल अलग से दाखिला प्रक्रिया चलाते हैं। इस तरह से वह दुगुनी कमाई करते हैं। ऐसा होता है कि कई स्कूल बच्चे को अपने मांटेसरी स्कूल से अपने दूसरे स्कूल में प्रमोट नहीं करते हैं। वह अपने दूसरे स्कूल में दाखिले के लिए अलग से दाखिला प्रक्रिया चलाते हैं।
बच्चे के प्रमोट नहीं होने के कारण अभिभावकों को दो-दो बार दाखिला प्रक्रिया से गुजर कर परेशानी का सामना करना पड़ता है। नर्सरी एडमिशन एक्सपर्ट व एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि सबसे पहले तो पैरेंट्स को सावधान रहना चाहिए कि वह नामों के बहकावे में न आएं। स्कूलों के प्री स्कूल या मांटेसरी स्कूलों (प्ले स्कूल) में दाखिले से पहले उन्हें स्कूल से पुष्टि करनी होगी कि वह स्कूल उन्हें अपने मुख्य स्कूल में अगली कक्षा में प्रमोट करेगा या नहीं।
यह भी चेक करें कि प्ले स्कूल वाकई में किसी बड़े स्कूल का हिस्सा है भी या नहीं। अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिए कि एक ही सोसायटी के दो स्कूल अलग-अलग दाखिला प्रक्रिया नहीं अपना सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो शिक्षा निदेशालय या फिर हमारी फोरम पर शिकायत की जा सकती है।