मेवात के पिछडे़पन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हरियाणा राज्य में पिछले आठ वर्ष के दौरान 326 स्कूलों को मिड़िल में अपग्रेड़ किया गया।
सबसे ज्यादा स्कूल मेवात में अपग्रेड़ हुए। लेकिन आज भी शिक्षकों के नाम पर केवल खानापूर्ति जरूर हुई है। सबसे बुरा हाल नगीना ब्लॉक का है। जहां 34 स्कूलों को अपग्रेड किया गया।
किन्तु 21 मिड़िल स्कूलों में पढ़ रहे करीब 1300 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी अध्यापक नहीं है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा पूछे जाने पर हर बार चल रही भर्ती का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
इसी ब्लॉक का रनियाला पटाकपुर हाईस्कूल में 420 बच्चों को केवल एक अतिथि अध्यापक से पढ़वाया जा रहा है। इसी प्रकार गुमटबिहारी गांव में 120 बच्चों के मिड़िल स्कूल में केवल एक अध्यापक है।
मूलथान गांव के बालिका मिड़िल स्कूल में 130 छात्राओं को पढ़ाने के लिए कोई अध्यापक नहीं है। सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की भी जमकर धज्जिया उड़ाई जा रही हैं। मूलथान गांव की महिलाऐं बार-बार सीएम से गुहार लगा चुकी हैं।
हैरानी की बात ये है कि तावडू व सोहना नूंह के आस-पास के स्कूलों में शिक्षकों की अच्छी-खासी तादाद है। कई स्कूल ऐसे हैं जिनमें आवश्यकता से अधिक शिक्षक
नई तबादला नीति में हफताभर पहले हुए तबादलों में मेवात जिले से करीब 700 शिक्षकों का तबादला दूसरे जिलों में कर दिया गया। सवाल उठने के बाद सरकार ने इन्हें अभी रिलीव इसलिए नहीं किया है कि कोई हंगामा अभिभावक स्कूलों में न खड़ा कर दें।