सीबीएसई से संबंधित स्कूलों में दसवीं कक्षा में सत्र 2017-18 से अनिवार्य होने जा रही बोर्ड परीक्षा की रूपरेखा और सीसीईं (कांटीनुअस कांप्रेहेंसिव इवेल्यूशन)पर रिव्यू पर मंगलवार को फैसला हो जाएगा।
खास बात यह है कि बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए खाका तैयार होगा, जिसमें पाठ्यक्रम में बदलाव भी शामिल है। जबकि सीसीई के रिव्यू में प्रोजेक्ट वर्क समेत अन्य में बदलाव होने से छात्रों व शिक्षकों का बोझ कम हो जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को आयोजित होने वाली गवर्निंग बॉडी की बैठक के एजेंडे में 10वीं बोर्ड परीक्षा की रूपरेखा बनेगी, जिसमें केवी संगठन, जवाहर नवोदय समिति व एनसीईआरटी भी अपना पक्ष रखेंगी।
देशभर की राज्य सरकारों, अभिभावकों, स्कूलों व छात्रों की मांग के तहत अब मंत्रालय इस बैठक के बाद वर्ष 2017-18 से 10वीं बोर्ड परीक्षा अनिवार्य करने की घोषणा करेगा। जबकि जो राज्य नहीं बोर्ड परीक्षा नहीं चाहते होंगे, उन्हें अन्य विकल्प भी देने की तैयारी है।
बोर्ड परीक्षा शुरू करने के लिए पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रारूप के लिए नियमों में बदलाव करना होगा, जिस पर संबंधित शिक्षा बॉडी अपना-अपना खाका तैयार करेंगे। इसके अलावा सीसीई में पूरी तरह से बदलाव करने की तैयारी चल रही है।
दसवीं बोर्ड परीक्षा अनिवार्य होने से सीसीई में बदलाव करना पड़ेगा। इस बैठक में सीसीई के नया प्रारूप बनेगा, जिसमें ग्रेडिंग समेत प्रोजेक्ट वर्क में बदलाव होगा। सीसीई के इस रिव्यू से छात्रों समेत शिक्षकों के काम का बोझ भी कम हो जाएगा।
इसके अलावा एजेंडे में शिक्षा में गुणवत्ता समेत रिजल्ट में सुधार भी शामिल है। बोर्ड परीक्षा शुरू होने से गुणवत्ता व रिजल्ट में किस प्रकार बदलाव आएंगे, उस पर चर्चा की जाएगी।