मेले में अभिभावकों की इन्हीं दिक्कतों को ध्यान में रखकर प्रकाशकों ने ऐसी तकनीक इजाद की है, जिसमें बच्चे खेल ही खेल में शिक्षा संग ज्ञान से जुड़ पाएंगे। खास बात यह है कि मेले में देशी-विदेशी प्रकाशक बच्चों को भारतीय पौराणिक कथाओं से जोड़ने में कार्टून किरदारों का सहारा ले रहे हैं, जोकि हिंदी के अलावा अंग्रेजी माध्यम में उपलब्ध हैं।
प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेेला 2017 में नर्सरी दाखिले पर आधारित अभिभावकों को इंटरव्यू के टिप्स देती पुस्तक भी दर्शकों को बेहद भा रही हैं। बेशक सरकार नर्सरी दाखिले में अभिभावकों के इंटरव्यू पर रोक लगा चुकी हो, लेकिन निजी स्कूल अपने मनमाने नियमों से परिजनों को परेशान करते हैं। मेले में ऐसी पुस्तकें भी पहुंचीं हैं, जिसमें नर्सरी एडमिशन के लिए अभिभावकों के लिए टिप्स दिए गए हैं। इस पुस्तक में बताया गया है कि स्कूल के सामने घरेलू झगड़े व आर्थिक रूप से कमजोरी का जिक्र भूलकर न करें। इसके अलावा नर्सरी दाखिले के दौरान आपके बच्चे से किस प्रकार की जानकारी मांगी जाएंगी, इसके बारे में समझाया गया है।
वहीं, मेले में हर आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर पुस्तकों को लाया गया है। जबकि ध्यान बच्चों पर है। बच्चों को पौराणिक लोक कथाओं से जोड़ने वाली कहानियां चीनी, फ्रांस, इंडोनेशिया के अलावा भारतीय स्टॉल पर उपलब्ध है। चीनी स्टॉल पर भारतीय वीरबल की कहानियां बेहद ही खूबसूरती से कार्टून किरदारों की तर्ज पर दर्शाईं हैं, जोकि महज साढ़े तीन सौ रुपये में उपलब्ध हैं। इसके अलावा अकबर व अली बाबा चालीस चोर भी बेहद ट्रेंड में हैं।
बच्चों को ग्राफिक्स और कार्टून किरदार बेहद भाते हैं।
प्रकाशकों ने बच्चों की इसी बात को समझते हुए इस सत्र अधिकतर किताबों में इनका प्रयोग किया है। यहां पर चर्चित एरोप्लेन, एस्ट्रोनॉमी, साइंस फिक्शन व साइंस, नॉवेल, ग्राफिक नॉवेल, आर्ट बुक्स, टीनएजर लिटरेचर, पोएट्री, कॉमिक्स, इलस्टे्रशन बुक्स, स्पोट्र्स लिटरेचर, एजुकेशनल 3डी मुख्य है।