दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए जारी होने वाली चौथी कट ऑफ लिस्ट किसी के लिए राहत तो किसी केलिए आफत बन सकती है। दरअसल कॉलेजों में सामान्य श्रेणी के लिए तो बेहद कम मौके कॉलेजों में बचे हैं, लेकिन कॉलेजों को कश्मीरी विस्थापित व पीडब्लयूडी(पर्सन विद डिसेबिलिटि) श्रेणी की सीटों पर विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कॉलेज सामान्य के लिए तो कट ऑफ में बेहद कम गिरावट करेंगे लेकिन कश्मीरी विस्थापित व पीडब्लयूडी के लिए ज्यादा गिरावट करने की सोच रहे हैं।
कॉलेजों में राजनीति शास्त्र, इतिहास, सोशोलॉजी, साइकोलॉजी, की सीटें काफी कॉलेजों में भर गई हैं। जिन कॉलेजों में बची भी हैं वह भी काफी कम हैं। ऐसे में कुछेक कॉलेजों में ही इन कोर्सेज की चौथी कट ऑफ लिस्ट जारी की जाएगी। जबकि कॉमर्स से जुड़े पाठ्यक्रमों में अभी गुजाइंश बाकी है। मामूली गिरावट के साथ बीकॉम व गणित जैसे कोर्स में दाखिले की गुजाइंश रहेगी।
डीयू में 20 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। लिहाजा उससे पहले दो कट ऑफ चौथी व पांचवीं कट ऑफ जारी की जाएगी। कॉलेज प्रिंसिपल मान रहे हैं कि चौथी कट ऑफ जारी होने पर दाखिलों की रफ्तार तेज होगी। इस लिस्ट के दाखिले 13 जुलाई से 15 जुलाई तक होंगे।
श्री अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विपिन अग्रवाल ने बताया कि बीकॉम, बीएससी इलेक्ट्रानिक्स, अंग्रेजी ऑनर्स और बीकॉम ऑनर्स में सीटें अभी खाली है। लिहाजा चौथी कट ऑफ जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि दिक्कत पीडब्लयूडी और कश्मीरी विस्थापित श्रेणी की सीटों को लेकर आ रही हैं। इन दोनों श्रेणी की काफी सीटें खाली हैं। चौथी कट ऑफ लिस्ट में कितनी गिरावट होगी इस पर उन्होंने कहा कि केवल 0.25 से 0.75 फीसदी तक की ही गिरावट करेंगे।
मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल डॉ प्रतिभा जौली ने बताया कि सामान्य के लिए काफी कम दाखिले की गुजाइंश चौथी कट ऑफ लिस्ट में बची है। कई कोर्सेज में तो सीटों से अधिक दाखिले हो गए हैं। चौथी कट ऑफ लिस्ट में सामान्य के लिए बीए प्रोग्राम में ही जगह रहेगी। हालांकि आरक्षित श्रेणियों के लिए अभी काफी सीटें हैं। चौथी में जो सामान्य केलिए कोर्सेज खुले भी रहेंगे उनमें एक से दो या तीन से चार दाखिला ही संभव हो सकेंगे।
सीटों से अधिक दाखिलों से बचने के लिए गिरावट मामूली ही होगी। आर्यभट्ट कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज सिन्हा ने बताया कि उनकेयहां सामान्य के लिए साइकोलॉजी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र ऑनर्स में अब जगह नहीं है। हालांकि इतिहास, बीकॉम ऑनर्स व कंप्यूटर साइंस में दाखिले के अवसर रहेंगे। अन्य कॉलेजों की तरह यहां भी कश्मीरी विस्थापित व पीडब्लयूडी श्रेणी की सीटें भर नहीं पा रही हैं। कट ऑफ कितनी गिरावट करेंगे इस पर उन्होंने कहा कि 0.50 से 2 फीसदी की गिरावट करेंगे। जिससे कि सीटों से अधिक दाखिले न हो जाएं।