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IIT दिल्ली में एक ही दिन में 120 लड़कियों का दाखिला लेकिन रहने को नहीं है हॉस्टल

Sat, 22 Jul 2017 11:51 AM IST
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सरकार ने बेटियों को पढ़ाने के लिए योजना तो तैयार की, लेकिन हॉस्टल की कमी से उनके सामने सुरक्षा का संकट भी है। एक ही दिन में 120 छात्राओं के दाखिला लेने से आईआईटी दिल्ली में हॉस्टल की कमी से हंगामा शुुरू हो गया।
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करीब डेढ़ सौ लड़कियों को हॉस्टल नहीं मिला है। नाराज परिजनों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से इसकी शिकायत की है। वहीं आईआईटी प्रबंधन का तर्क है कि सुरक्षा को देखते हुए कैंपस के बाहर रखने की बजाय फैकल्टी अपार्टमेंट में ही इन लड़कियों को ठहराया गया है।

आईआईटी दिल्ली में लड़कियों के दो हॉस्टल हिमाद्री और कैलाश हैं, जिनमें 900 सीट हैं। बृहस्पतिवार को अचानक 120 लड़कियों ने दाखिला ले लिया। आईआईटी प्रबंधन दाखिला लेने वाली कुल डेढ़ सौ लड़कियों के ठहरने की तैयारी कर ही रहा था। लेकिन एक ही दिन इतने दाखिले से अव्यवस्था हो गई और हॉस्टल का इंतजाम नहीं हो पाया।
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जमीन पर गद्दे ब‌िछाकर लड़क‌ियों को सुलाया

आईआईटी द‌िल्ली - फोटो : सोशल मीड‌िया
प्रबंधन ने पहले दिन गद्दों का इंतजाम करते हुए उन्हें एक जगह सुला दिया। शुक्रवार को परिजनों ने यह देखकर हंगामा कर दिया। उनका कहना है कि उनकी बेटियां को नीचे गद्दो में सुलाया जा रहा है।

आईआईटी प्रबंधन का कहना है कि इस साल बीटेक, एमएससी, एमटेक व पीएचडी में करीब 30 फीसदी अधिक लड़कियों ने दाखिला लिया है। जबकि उन्हें इतनी अधिक लड़कियों के दाखिला लेने की उम्मीद नहीं थी। 2018 सत्र के लिए 20 फीसदी सीटें बढ़ाने के संदर्भ में दो नए गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण हो रहा है, जो दिसंबर में बनकर तैयार होंगे।

एक साथ इतनी छात्राओं को होटल में नहीं ठहराया जा सकता और न ही उनकी सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है। इसलिए लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फैकल्टी अपार्टमेंट में करीब 120 लड़कियों को ठहराया गया है। बेड बनाने का ऑर्डर दे दिया गया है, जो एक दो दिन में बनकर आ जाएंगे। फिलहाल गद्दे बिछाकर उनके सोने का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा हॉस्टल से तीनों समय का खाना दिया जा रहा है। - आईआईटी प्रबंधन
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