मोदी सरकार द्वारा काले धन व भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए शुरू की गयी नोटबंदी के बीच यदि किसी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान ने अभिभावकों से चेक, ड्राफ्ट या फिर नेटबैंकिग से भुगतान लेने से मना करते हुए कैश मांगा तो फिर ऐसे शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीबीएसई, केवी, यूजीसी और एआईसीटीई ने अपने सभी शिक्षण संस्थानों व स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे प्रबंधन को कैशलैस से संबंधित जानकारी अपडेट करें। सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की फीस संबंधी भुगतान में स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान द्वारा कैश के लिए परेशान किया जाता है तो वे इसकी शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय या फिर अधीन आने वाले शैक्षिक संस्थाओं को भी शिकायत पत्र, फोन या फिर ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा।