जेएनयू चुनाव समिति के आयुक्त हिमांशु कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, स्कूल ऑफ इनवायरमेंटल स्टडीज (एसईएस), स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (एसआईएस), स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज, लिट्रेचर एंड कल्चर स्टडीज (एसएलएलसी) और स्कूल ऑफ सोशल साइंस (एसएसएस) में मतदान केंद्र बनाए गए थे।। कैंपस में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। देर रात मतगणना शुरू हो गई। शनिवार से काउंसलर्स और उसके बाद सेंट्रल पैनल के चुने गए प्रत्याशियों के नाम सामने आएंगे।
पहले चरण में 40 फीसदी मतदान
सुबह दस से एक बजे तक करीब 40 फीसदी मतदान हुआ। दुपहर ढाई से साढ़े पांच बजे तक 28 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान की शुरुआत में केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें लग गईं। 11 बजे तक इसमें कमी आ गई। उसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब फिर मतदाताओं की लंबी लाइन लग गईं। शाम चार बजे के बाद भी खासा मतदान हुआ।
नीले और लाल झंडे के बीच तिरंगा
मतदान केंद्रों के बाहर नीले और लाल झंडे के बीच एबीवीपी कार्यकर्ता तिरंगा लेकर मतदाताओं को जागरूक करते दिखे। बापसा नीले झंडे के साथ तो वामपंथी एकता पैनल (आइसा, एआईएसएफ, एसएफआई, डीएसफ) लाल झंडे के साथ ढपली पर अपने प्रत्याशियों के नाम पर आधारित तैयार गाने के बोल से मतदाताओं से वोट मांगते दिखे।
एबीवीपी तिरंगे के साथ देशभक्ति का रंग भरता रहा। उधर, राजद प्रत्याशी ने लालटेन के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कैंपस में दिनभर मतदान के दौरान हार-जीत के कयास लगाए जाते रहे। सीधा मुकाबला लेफ्ट और बापसा के बीच है। एबीवीपी के सेंट्रल से काउंसलर पद पर जीत के कयास लग रहे हैं।
जेएनयू में देश के हर कोने से छात्र पढने आते हैं। इसी के चलते छात्र संगठनों ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, केरल, असम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश व दिल्ली से उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। मतदान के दौरान देश के हर कोने से जुड़े प्रत्याशी अपने इलाके के मतदाताओं से वोट की अपील करते दिखे। इससे जेएनयू कैंपस में मिनी इंडिया की झलक दिखी।
लेफ्ट की डफली के बीच भगवा का मजीरा
केंद्र में मोदी लहर का ही कमाल था कि वर्ष 2014 छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने लाल दुर्ग में भगवा फहराया था। सेंट्रल पैनल से लेकर काउंसलर पद की रेस में एबीवीपी को लगातार जीत मिलने के चलते ही कैंपस में अब लेफ्ट की डफली के बीच भगवा का मजीरा भी खूब रंग जमाता है। लेफ्ट के छात्र डफली से मतदाताओं को रिझाते रहे तो एबीवीपी ने हिंदूवादी सोच के तहत शंखनाद कर शुभ काम करने का संदेश दिया।
वर्ष मतदान फीसदी
2007 68.43
मार्च 2012 58.7
सितंबर 2012 60
2013 56
2014 55
2015 53.33
2016 59.60
2017 58.69