इसमें पांच सितंबर को उनके खिलाफ दायर शिकायत के संबंध में शिकायत निवारण समिति (ग्रीवांस सेल) के समक्ष सुनवाई के लिए 12:30 बजे स्वयं उपस्थित होने का निर्देश था। ग्रीवांस सेल को जेएनयू प्रशासन या डीन कार्यालय के बाहर छात्रों द्वारा विरोध के बाद भी विकास यादव को उन तथ्यों के बारे में सूचित नहीं किया गया, जिसके चलते नामांकन पत्र रद्द किया गया।
रुचि गुप्ता के मुताबिक, बाद में जानकारी मिली कि फरवरी में विश्वविद्यालय की रोक के बावजूद विरोध प्रदर्शन मामले में नामांकन रद्द हुआ है। एनएसयूआई अधिकारियों का कहना था कि जब तक विकास यादव को न्याय नहीं मिलेगा, उनका विरोध जारी रहेगा।
विकास यादव का कहना है कि रविवार को कुलपति निवास के घेराव की योजना बनाई जा रही है। उससे पहले मतदाताओं व अन्य छात्र संगठनों से भी बात की जाएगी। मतदाताओं को समझाया जाएगा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन मनमर्जी से किस प्रकार छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों का नामांकन रद्द करवा रहा है।