संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर जेएनयू में लगाए गए देश विरोधी नारेबाजी के मामले में स्पेशल सेल ने एक बार फिर छानबीन शुरू कर दी है। सेल की चार सदस्य टीम ने जेएनयू कैंपस पहुंचकर दो कश्मीरी छात्रों से करीब आठ घंटे पूछताछ की।
पुलिस सूत्रों की मानें तो देश विरोधी नारेबाजी में जिन दो दर्जन छात्र-छात्राओं को दोषी बनाया गया है, उनमें यह दोनों छात्र भी शामिल हैं। आरोप है कि नौ फरवरी को गंगा ढाबे के पास आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नकाब पहनकर इन छात्रों ने अन्यों छात्रों के साथ मिल कर देश विरोधी नारे लगाए थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक खालिद व मुजीबन गट्टू नामक जेएनयू के छात्रों से बृहस्पतिवार व शुक्रवार को पूछताछ की गई। दोनों ही छात्र जेएनयू के कावेरी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
दोनों से पूछा गया कि नौ फरवरी को वह खुद ही गंगा ढाबे पर पहुंचे थे या फिर कन्हैया व अन्य लेफ्ट छात्रों के कहने पर वहां आए थे। इसके अलावा कार्यक्रम का आयोजन किन-किन छात्रों या लोगों ने किया था।
क्या देश विरोधी नारेबाजी का कार्यक्रम अचानक तो नहीं बना था। इसके अलावा नारेबाजी करने वाले छात्रों ने नकाब क्यों पहने हुए थे। बता दें कि जुलाई माह में उमर खालिद व अनिबर्न भट्टाचार्य से पूछताछ के बाद खालिद व मुजीबन के नाम सामने आए थे। इधर पुलिस की छानबीन में जो वीडियो सामने आए थे उनकी जांच में भी वह सही पाए गए थे।
इधर, जेएनयू प्रशासन के अनुरोध पर कुछ समय के लिए जांच को रोकने की बात सामने आई थी। लेकिन जैसे ही जेएनयू में छात्रसंघ चुनाव संपन्न हुए फौरन पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। इसी कड़ी में दोनों कश्मीरी छात्रों से पूछताछ की गई है।
वहीं छानबीन के दौरान पुलिस को यह भी पता चला है कि जिन दो दर्जन छात्रों को आरोपी बनाया गया है उनमें कुछ जामिया व कश्मीरी यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल हैं। पुलिस इनको पूछताछ में शामिल होने के लिए लगातार नोटिस भेज रही है कि लेकिन यह छात्र पुलिस की पूछताछ में शामिल होने से लगातार बच रहे हैं।