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जेएनयू में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के विरोध में छात्रसंघ, कुलपति को हटाने की दी चेतावनी

Tue, 25 Sep 2018 12:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2019 सत्र से ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा से दाखिला का छात्रसंघ ने विरोध जताया है। छात्रसंघ ने ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा के विरोध में देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की घोषणा कर दी है। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रबंधन पर ऑनलाइन दाखिले के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप भी लगाया है। छात्रसंघ ने चेतावनी दी है कि यदि ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा का प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो वे कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार को पद से हटाने की अभियान भी शुरू करेंगे।  

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जेएनयू कैंपस में सोमवार को छात्रसंघ अध्यक्ष एनसाई बालाजी समेत अन्य पदाधिकारियों ने ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा पर सवाल उठाए। बालाजी का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने ऑनलाइन दाखिला परीक्षा के लिए 14 सितंबर को टेंडर निकाला और उसी दिन संबंधित स्कूल व सेंटर के डीन को प्रश्न-पत्र तैयार करने का पत्र जारी कर दिया।

कुलपति ने काउंसिल बैठक में पूर्व छात्रसंघ को डी-वार कर दिया। शिक्षकों से लेकर छात्रसंघ से चर्चा तक नहीं की। छात्रसंघ का कहना है कि कुलपति पेपर लीक जैसे घटनाओं को रोकने के लिए ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर रहा है, जबकि एसएससी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया व डीयू में पेपर लीक हो चुके हैं। कुलपति कैसे गारंटी ले सकते हैं कि जेएनयू ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक नहीं होगा।  

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परीक्षा में बैठने वाले छात्रों से करवाएंगे हस्ताक्षर  

छात्रसंघ का कहना है कि जेएनयू में 2019 में दाखिला लेने की चाह रखने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच जाकर ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा के नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा का प्रस्ताव वापस लेने संबंधी मांगपत्र में उनके हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। यह हस्ताक्षर रूपी मांग पत्र कुलपति को भेजा जाएगा। यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो फिर आंदोलन उग्र होगा।  

ग्रामीण इलाकों के छात्र कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं : उपाध्यक्ष  
छात्रसंघ उपाध्यक्ष सारिका चौधरी का कहना है कि जेएनयू में दूर-दराज व ग्रामीण इलाकों के छात्र पढ़ने आते हैं। छात्र कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं होते हैं। ऐसे में वे ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा कैसे पास कर सकेंगे। वहीं, महासचिव ऐजाज अहमद राठेर का कहना है कि ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में मल्टीपल प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे छात्रों को प्रवेश परीक्षा पास करना मुश्किल होगा। कुलपति जेएनयू को शहरी विश्वविद्यालय का रूप देना चाहते हैं। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा होने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र पास ही नहीं कर पाएंगे।  
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