छात्रसंघ का कहना है कि जेएनयू में 2019 में दाखिला लेने की चाह रखने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच जाकर ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा के नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा का प्रस्ताव वापस लेने संबंधी मांगपत्र में उनके हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। यह हस्ताक्षर रूपी मांग पत्र कुलपति को भेजा जाएगा। यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो फिर आंदोलन उग्र होगा।
ग्रामीण इलाकों के छात्र कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं : उपाध्यक्ष
छात्रसंघ उपाध्यक्ष सारिका चौधरी का कहना है कि जेएनयू में दूर-दराज व ग्रामीण इलाकों के छात्र पढ़ने आते हैं। छात्र कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं होते हैं। ऐसे में वे ऑनलाइन दाखिला प्रवेश परीक्षा कैसे पास कर सकेंगे। वहीं, महासचिव ऐजाज अहमद राठेर का कहना है कि ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में मल्टीपल प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे छात्रों को प्रवेश परीक्षा पास करना मुश्किल होगा। कुलपति जेएनयू को शहरी विश्वविद्यालय का रूप देना चाहते हैं। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा होने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र पास ही नहीं कर पाएंगे।