जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमसीएम छात्रवृत्ति समय पर न मिलने के छात्रों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि एमसीएम छात्रवृत्ति प्रति माह छात्रों को दी जाती है। छात्र छह से आठ माह तक छात्रवृत्ति के लिए आवदेन नहीं करते हैं। इसी के चलते उन्हें सुविधा मिलने में देरी होती है।
जेएनयू प्रशासन का कहना है कि एमसीएम छात्रवृत्ति दाखिला फीस से दी जाती है। जेएनयू प्रशासन को 1.90 करोड़ रुपये वार्षिक प्राप्त होते हैं। जबकि छात्रवृत्ति के रूप में 3.50 करोड़ रुपये छात्रों को दिए जाते हैं।
जेएनयू प्रशासन छात्रों से दाखिला फीस के रूप में मानसून सेमेस्टर में 180 रुपये और विंटर सेमेस्टर में 120 रुपये लेता है। ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करें ताकि उन्हें समय से धनराशि दिया जा सके।