दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में अंग्रेजी ऑनर्स की कट ऑफ बढ़ने के आसार दिख रहे हैं। दरअसल, बीते साल की तरह इस बार भी डीयू की आवेदन प्रक्रिया में अंग्रेजी ऑनर्स का क्रेज सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। जबकि बीते सालों में ईको ऑनर्स, बीकॉम प्रोग्राम को लेकर बढ़ा क्रेज इस बार कम हो गया है। वहीं राजनीति शास्त्र ऑनर्स के लिए आवेदकों ने जबरदस्त रुचि दिखाई है। अब तक की आवेदन प्रक्रिया में इस बार छात्रों की पहली पसंद अंग्रेजी ऑनर्स है।
डीयू में दाखिले के लिए शुक्रवार शाम 6 बजे तक हुए आवेदनों में अब तक लगभग 80 फीसदी आवेदकों ने अंग्रेजी ऑनर्स में दाखिले को पहली प्राथमिकता दी है। अंग्रेजी में ज्यादा आवेदन आने का कारण यह है कि आर्ट्स, कॉमर्स व साइंस तीनों स्ट्रीम वाले छात्र इस कोर्स के लिए आवेदन करते हैं। बीते साल टॉप-10 पंसदीदा विषयों में दूसरे नंबर पर रहा बीकॉम प्रोग्राम अभी चौथे स्थान पर है। वहीं बीए प्रोग्राम के लिए सभी स्ट्रीम के छात्र योग्य होते हैं।
बीते साल की आवेदन प्रक्रिया में ईको ऑनर्स टॉप-10 पाठ्यक्रमों मेें छठवें स्थान पर था जबकि इस बार इसने उछाल मारते हुए टॉप-5 में जगह बनाई है। लंबी छलांग राजनीति शास्त्र ऑनर्स ने लगाई है, ये बीकॉम व ईको ऑनर्स को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में जारी आवेदन प्रक्रिया के साथ-साथ फॉर्मों की विश्लेषण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभी तक जिस तरह से कोर्सेज के लिए आवेदन आ रहे हैं उससे कुछ हद तक मनपसंद कोर्स की स्थिति अब साफ हो चुकी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कई सालों से सुर्खियों में रहने वाला गणित ऑनर्स का क्रेज इस बार दिखाई नहीं दे रहा है। सीबीएसई रिजल्ट में गणित विषय में आए कम नंबरों को इसका कारण बताया जा रहा है। गणित शिक्षक व डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. गुरप्रीत सिंह टुटेजा कहते हैं कि जिन्होंने गणित पढ़ी है उन्हें गणित ऑनर्स, कंप्यटूर साइंस, सांख्यिकी ऑनर्स, व बीएससी जनरल मैथमेटिकल कोर्स के लिए जरूर आवेदन करना चाहिए। गणित पढ़ी होने के कारण इन कोर्सेज में दाखिला हो सकता है।
विशेषज्ञों की माने तो राजनीति शास्त्र जैसे कोर्सेज में दाखिला लेने वाले छात्र आगे चलकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करेंगेे। सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्रों का यह पसंदीदा विषय है। इसलिए हर साल इन विषयों को लेकर क्रेज बढ़ रहा है। सूत्र बताते हैं कि अंग्रेजी के लिए अब तक 80 फीसदी, बीए के लिए 70 फीसदी व राजनीति शास्त्र के लिए लगभग 50 फीसदी आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।