राजधानी के लगभग 1700 निजी स्कूल नर्सरी दाखिला प्रक्रिया में वेजिटेरियन, नॉन स्मोकर्स, पहला बच्चा जैसे मानकों को शामिल नहीं कर पाएंगे। इस सत्र में कुल 62 तरह के मानकों पर रोक लगाई गई है।
दरअसल, स्कूल दाखिला फार्मूला में कई क्राइटेरिया को शामिल कर अंक देते हैं। शिक्षा निदेशालय ने गाइडलाइंस में साफ कहा है कि स्कूलों को ऐसे मानक तय करने होंगे जो न केवल अच्छी तरह से परिभाषित, न्यायसंगत, भेदभाव रहित, स्पष्ट व पारदर्शी हो।
दरअसल, कुछ स्कूल पहला बच्चा, अभिभावकों की शैक्षणिक योग्यता, स्कूल परिवहन, अभिभावकों के काम करने, चचेरे व ममेरे पहले भाई बहन, स्थानांतरण, अभिभावकों के संगीत व खेल में राष्ट्रीय पुरस्कृत होने, अभिभावक के सामाजिक कार्य, बच्चे की स्थिति, पहली बार दाखिला पा रहे, पहले आओ पहले पाओ, साक्षात्कार, संयुक्त परिवार, अभिभावकों का राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक व खेल रिकॉर्ड, मैनेजमेंट कोटा जैसे मानकों को शामिल कर अंक देते हैं। इस कारण कई बच्चे के दाखिले से वंचित रह जाते हैं।