दिल्ली विश्वविद्यालय एवं कॉलेज लैब स्टॉफ की हड़ताल का सीधा असर अब प्रैक्टिकल कक्षाओं पर पड़ रहा है। बीते 25 अक्तूबर से लैब कर्मी धरने पर हैं। ऐसे में अधिकांश कॉलेजों और विभागों में साइंस लैब बंद पड़ी है। इस कारण इस माह में शुरु होने वाली सेमेस्टर परीक्षा केलिए प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तैयारी भी नहीं कर पा रहे। चूंकि कर्मचारी पहले ही आगामी परीक्षाओं का बहिष्कार करने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में अब प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी प्रभावित होंगी।
हड़ताल केकारण प्रैक्टिकल कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं और इससे छात्रों को नुकसान हो रहा है। नंवबर के अंत में सेमेस्टर परीक्षाएं शुरु होनी है और उससे पहले प्रैक्टिकल परीक्षाएं होगी। जब कक्षाएं नहीं लग पा रही तो छात्र परीक्षाओं की तैयारी कैसे करेंगे। वहीं दो दिन के अवकाश केबाद सोमवार को एक बार फिर धरना हुआ।
दिल्ली विश्वविद्यालय एवं कॉलेज लैब स्टॉफ एसोसिएशन (डुकुल्सा) केबैनर तले लैब कर्मचारियों ने गेट नंबर 4 से हिंदू कॉलेज होते हुए गेट नंबर 1 तक ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला। उसके बाद एसोसिशन पदाधिकारियों और डीयू प्रशासन केबीच बातचीत हुई जो कि बेनतीजा रही।
डुकुल्सा के महासचिव राजेश मेहता ने बताया कि बीते तीन वर्षों से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमें अपनी मांगों के लिए सड़क पर उतरना अच्छा नहीं लगता। अब यह प्रशासन केरुख पर निर्भर करता है कि वह हमारी मांगों के प्रति कितने गंभीर हैं।