दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बीए प्रोग्राम तृतीय वर्ष के रिजल्ट में बड़ी संख्या में छात्र एक से ज्यादा विषयों में फेल हो गए हैं। जो छात्र पास हुए हैं उनके अंक भी 35-45 फीसदी के बीच है।
देरी से और खराब रिजल्ट आने के कारण अब बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई छोडने को मजबूर होंगे। केवाईएस ने देर से जारी किए रिजल्ट और खराब आए रिजल्ट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर छात्र कैसे फेल हो सकते हैं।
एसओएल में बीए प्रोग्राम तृतीय वर्ष केछात्रों का रिजल्ट शुक्रवार को घोषित किया गया है। क्रांतिकारी युवा संगठन (दिल्ली राज्य समिति) सदस्य हरीश गौतम के मुताबिक एक तो रिजल्ट इतनी देर से जारी किया गया वहीं इसमें ज्यादातर छात्र एक या ज्यादा विषयों में फेल किए गए हैं।
साथ ही, जो छात्र पास भी हुए हैं उनमे से ज्यादातर के अंक 35 से 45 के बीच आए हैं। उनका कहना है कि इस रिजल्ट के कारण बड़ी संख्या में पढ़ाई छोडने को मजबूर हो जाएंगे।
वहीं मई-जून में हुई परीक्षा का रिजल्ट अब जारी किया गया है तो ऐसे में तृतीय वर्ष के छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए एमए. एमकॉम में दाखिला नहीं मिल पाएगा क्योंकि सभी जगह स्नाकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले बंद हो चुके हैं।
इसकेकारण छात्रों का एक साल प्रशासन की लापरवाही के कारण बर्बाद हो गया है। खराब रिजल्ट को लेकर केवाईएस ने इसके लिए जिम्मेदार एसओएल अधिकारियों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की मांग की है।