डिजिटल इंडिया की दिशा में बढ़ते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) देश का पहला डिजिटल विश्वविद्यालय बनने जा रहा है। अब विश्वविद्यालय में सभी ऑफिशियल काम सिर्फ कंप्यूटर के माध्यम से ही किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय मुख्यालय में असिस्टेंट और जूनियर असिस्टेंट के प्रमोशन पर आयोजित कार्यक्रम में यह जानकारी इग्नू की एकेडमिक को-ऑडिनेशन डिविजन की निदेशक प्रो. मंजुलिका श्रीवास्तव ने दी।
उन्होंने कहा कि सभी तरह के आधिकारिक दस्तावेजों को डिजिटल करने की तैयारी की जा रही है। सभी तरह के पत्राचार भी डिजिटल होगा। यहां तक की फाइल नोटिंग को भी कंप्यूटरीकृत करने की तैयारी है। योजना की जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दे दी गई है। इससे पहले विश्व विद्यालय को कैशलेस किया जा चुका है।
ट्रेनिंग जारी
प्रो. मंजुलिका ने बताया कि इस संबंध में बनाई गई कमेटी पहले ही अपनी सिफारिश दे चुकी है। बहुत जल्द ऐसा समय आने वाला है, जब हाथ से लिखा कोई भी नोट्स नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि एनआईसी की ओर से इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा रहा है। एनआईसी की मदद से विवि के सभी रिकॉर्ड को डिजिटल किया जाएगा। इसके लिए कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है।