दिल्ली विश्वविद्यालय में बीते 1 जून से 22 जून तक चली आवेदन प्रक्रिया में प्रशासन की ज्यादा से ज्यादा पाठ्यक्रम भरने की सलाह नहीं मानी। अब ऐसे छात्र कट ऑफ में आने के बावजूद दाखिला पाने से वंचित हो रहे हैं।
ऐसे में अब पाठ्यक्रमों को अपने आवेदन फॉर्म में जुड़वाने के लिए डीन स्टूडेंट वेलफेयर के चक्कर लगा रहे हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में फॉर्म में पाठ्यक्रमों को नहीं जोड़ेगा।
डीयू में दूसरी कट ऑफ आने के बाद से कई छात्र विभिन्न कोर्सेज में दाखिले के योग्य हो रहे हैं बावजूद वह उन कोर्सेज में दाखिला नहीं ले सकते हैं। इस कारण यह है कि उन्होंने उस कोर्स केलिए आवेदन ही नहीं किया।
अब वह चाहते हैं कि उनके पाठ्यक्रम को आवेदन फॉर्म में जोड़ दिया जाए। चूंकि डीयू में इस समय कोर्सेज को जुड़वाने का कोई प्रावधान नहीं है लिहाजा उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर में ऐसे लगभग 20-25 छात्र कार्यालय पहुंच रहे हैं। अब चूंकि कई कोर्सेज की कट ऑफ कम गई है तो वह दाखिले लेने केचक्कर में इन कोर्सेज को जुड़वाना चाहते हैं।
मसलन यदि इतिहास में नंबर नहीं आया तो हिंदी या संस्कृत को शामिल करने का आग्रह कर हैं या फिर कॉमर्स में नाम नहीं आने पर गणित या ईको को जोडने के लिए कह रहे हैं।
अधिकारियों केमुताबिक आवेदन प्रक्रिया केसमय लगातार यह सलाह दी जा रही थी कि एक ही फॉर्म में वह चाहें तो सभी कोर्सेज के लिए आवेदन कर दें। लेकिन कई छात्रों ने महज एक तो किसी ने दो से तीन ही कोर्सेज का विकल्प भरा।