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सावधान! IIT में सीट छोड़ी तो छात्रों पर लगेगा भारी जुर्माना

Tue, 21 Feb 2017 05:02 PM IST
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रद्यौगिकी संस्थान
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देशभर के आईआईटी, एनआईटी समेत अन्य इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में आगामी सत्र में स्पेशल राउंड काउंसलिंग में अलॉट सीट छोडने पर छात्र को भारी जुर्माना देना पड़ेगा।
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यह जुर्माना छात्र द्वारा कंफर्म कराई गई सीट के लिए द‌िए गए एडम‌िशन फीस की राशि से काटी जाएगी। सरकार ने आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो. पीपी चक्रवर्ती कमेटी की रिपोर्ट में दी गयी सिफारिशों को मंजूरी दे दी है।

खास बात यह है कि अब उक्त प्रबंधन को अधिकार होगा कि यदि किसी प्रोग्राम के कोर्स में छात्र दाखिला नहीं ले रहे हैं तो वे उसके पाठ्यक्रम में बदलाव संग उसे बंद कर सकेंगे।
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...ताक‌ि व‌िंडो बंद होने के दौरान सीट न छोड़ें छात्र

आईआईटी
सूत्रों के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2017-18 में आईआईटी और एनआईटी की काउंसलिंग के पहले चार राउंड आयोजित होंगे, जिसमें अलॉट सीट को छोड़ने का अधिकार होगा। लेकिन उसके बाद खाली सीटों पर स्पेशल राउंड काउंसलिंग आयोजित की जाएगी, जिसे पाचवीं और छठें राउंड काउंसलिंग का नाम दिया जाएगा।

इस दौरान वेटिंग लिस्ट के साथ-साथ पहली चार राउंड काउंसलिंग में सीट ले चुके छात्र भी दोबारा काउंसलिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि यदि इस पाचवीं और छठें राउंड काउंसलिंग में सीट छोडने पर जुर्माना लगाने की सिफारिश को मंजूर कर लिया गया है।

सरकार ने इस सिफारिश को इसलिए माना है, ताकि छात्र काउंसलिंग विंडो बंद होने के दौरान सीट न छोड़ सकें। इसके अलावा छात्रों की सीट ब्लॉक करने की गलत आदत में सुधार लाया जा सके। क्योंकि देशभर में पिछले सत्र करीब तीन हजार सीट खाली रह गयी थीं, जोकि सीट ब्लॉक करने के कारण दूसरे छात्रों को अलॉट नहीं हो सकी थीं।
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प‌िछले साल खाली रह गई थीं 3000 सीटें

इसमें से 73 सीट आईआईटी, 1518 एनआईटी समेत अन्य दूसरे इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों की शामिल थीं। हालांकि सरकार ने कमेटी द्वारा एनआईटी में स्टेट कोटे की खाली सीटों को जनरल कोटे में तब्दील करने की सिफारिश को नामंजूर कर दिया है।

इस कमेटी की सिफारिश के तहत ही आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईआईटी में पिछले तीन सालों की खाली बची सीटों का पुन: आंकलन करने और विभिन्न कोर्सों में रोजगार के अवसर, हॉस्टल, लैब जरूरी सुविधाएं जैसी बातों का आंकलन करने के बाद संस्थान चाहें तो किसी कोर्स को बंद भी कर सकते हैं।

इसके अलावा किसी कोर्स की डिमांड ज्यादा होने पर नए कोर्स शुरू करने, किसी कोर्स में सीट न भरने पर उक्त प्रबंधन को अपनी मर्जी से फेरबदल करने की मंजूरी मिल गयी है।
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