हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों को गंभीरता से लिया है। अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि रोक के बावजूद प्रत्याशियों ने जमकर पोस्टर लगाकर सार्वजनिक संपत्ति को खराब किया है।
अदालत ने चुनाव में दावेदारी ठोकने वाले तकरीबन सभी छात्रों को नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश है कि क्यों न उनके खिलाफ दिल्ली मेट्रो रेल कोरपोरेशन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाये। यह नोटिस कोर्ट ने इस मुद्दे पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुये जारी किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायाधीश सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने रॉकी तुसीड, अंकिव बसोया, मीनाक्षी मीणा, सुधीर समेत एक दर्जन से ज्यादा छात्रों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बाहर लगे पोस्टरों व ग्रेफिटी (स्प्रे पेंट कला) की तस्वीरें देखने के बाद जारी किया है।
कोर्ट ने डूसू चुनाव आयुक्त को इन छात्रों को नोटिस सर्व करवाने की जिम्मेदारी दी है। इन छात्रों को 20 सितंबर तक अपना पक्ष रखना है। याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की स्थायी अधिवक्ता साक्षी पोपली ने बताया कि इस मामले में अब तक 33 एफआईआर अज्ञात लोगों पर दर्ज की जा चुकी हैं लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।