एफडीडीआई के छात्र रेग्यूलर डिग्री की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में 23 अगस्त को सुनवाई है और छात्रों को पूरी उमीद है कि अदालत से उनको न्याय जरूर मिलेगा।
इसके साथ छात्रों ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है। भारत सरकार के फुटवियर डिजाइन एंड डवलवमेंट इंस्टीटयूट से डिप्लोमा के स्थान पर रेग्यूलर डिग्री की मांग करने वाले छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है।
रोहतक स्थित कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र संदीप प्रियदर्शी ने बताया कि इस साल करीब तीन से चार हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। उन सभी छात्र-छात्राओं को मेवाड़ या इग्नू यूनिवर्सिटी से डिग्री देनी थी।
मगर यूजीसी के आदेश से मामला खटाई में पड़ गया। जिसके कारण छात्रों को रेग्यूलर डिग्री नहीं दी जा सकी। इसके विरोध में छात्रों ने अप्रैल में जमकर हंगामा किया और कॉलेज में तोड़फोड़ तक कर दी थी।
जब छात्रों को न्याय नहीं मिला तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। छात्र ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में रेग्यूलर डिग्री दिलवाने की मांग की गई है साथ ही इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है।
चूंकि सरकार से कई सौ करोड़ रुपये सरकार के बरबाद किए हैं और यह एक घोटाला है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा है कि यदि उनको रेग्यूलर डिग्री नहीं दी जाती है तो प्रेत्येक छात्र को 75 लाख रुपये बतौर हर्जाने के रूप में दें। अब इस मामले की सुनवाई 23 अगस्त को होनी है।