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सरकारी स्कूलों पर आयु तय करने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी, दिल्ली सरकार तलब

Wed, 13 Jul 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोर्ट, न्यायालय - फोटो : file photo
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हाईकोर्ट ने दिल्ली में सरकारी स्कूलों में बच्चों क दाखिले के लिए अधिकतम आयु तय करने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि हर बच्चें को शिक्षा का अधिकार है। 
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अदालत ने इस प्रकार के नियमों को रद करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने दाखिले से वंचित छात्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अधिकतम आयु तय करने का निर्णय बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार का हनन है। 

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का नियम कैसे बनाया जा सकता जिससे बच्चों के अधिकारों का हनन हो। अदालत ने दिल्ली सरकार शिक्षा निदेशालय को इस मुद्दे पर 28 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मोहन गार्डन व रोहिणी निवासी विपिन व विजय कुमार शाह व अन्य द्वारा दायर चार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया है।
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दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब

मनीष सिसोदिया
याचिकातकर्ता की और से पेश अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने याचिका में तर्क रखा है कि विपिन ने इस वर्ष निजी स्कूल से सातवीं पास की है और वित्तिय स्थिति ठीक न होने पर उनके पिता ने आसपास के कई सरकारी स्कूलों में संपर्क पर उसे आठवीं कक्षा में दाखिला देने का आग्रह किया।

सभी स्कूलों ने कहा कि आठवीं कक्षा में दाखिले के लिए अधिकतम आयु 14 वर्ष तय है जबकि उसकी आयु 21 दिन ज्यादा है। इसी प्रकार रोहिणी निवासी विजय कुमार क्षेत्र के निजी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ता था और इस सत्र में टाइफाइड इत्यादि बीमारी के कारण मात्र 94 दिन ही स्कूल जा सका। 

उसके पिता ने सरकारी स्कूल में इसी कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन किया लेकिन उसे भी कहा गया कि उसकी आयु 15 वर्ष से आठ माह ज्यादा है। ऐसे में दाखिला नहीं दिया जा सकता। वहीं अन्य बच्चों को दाखिला न देने का कोई आधार नहीं बताया गया।

अग्रवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए अधिकतम आयु तय करने संबंधी सर्कुलर गैरकानूनी, असंवैधानिक, मनमाना, शिक्षा प्राप्त करने संबंधी मौलिक व मानवाधिकार का उल्लंघन करता है। ऐसे में उनके मुवक्किलों को दाखिला प्रदान करने का निर्देश देते हुए सर्कुलर को रद किया जाए।
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