एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी की तरह हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) की बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) की सीटें ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन 2017-18 से भरी जाएंगी। इसका प्रस्ताव मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) को भेज दिया गया। साथ ही कहा गया है कि नवंबर में जेईई मेन का जो नोटिफिकेशन जारी होगा, उसमें एचबीटीयू को जगह मिल जाएगी।
सितंबर 2016 से एचबीटीयू यूपी की तीसरी टेक्निकल यूनिवर्सिटी के रूप में अस्तित्व में आई है। शैक्षिक सत्र 2016-17 की सीटें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) लखनऊ की राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एसईई) से भरी गईं।
अब अगले सत्र की सीटें केंद्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा से भरी जाएंगी। इसी सिलसिले में रजिस्ट्रार शत्रुघ्न सिंह ने मंगलवार को कमेटी हॉल में डीन एकेडमिक डॉ. डीएल परमार के साथ मीटिंग की। रजिस्ट्रार ने कहा कि जेईई मेन का आयोजन अप्रैल 2017 में होगा।
इसका नोटिफिकेशन नवंबर में आएगा। वेबसाइट द्भद्गद्गद्वड्डद्बठ्ठ.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फार्म भरे जा सकेंगे। यह प्रक्रिया जनवरी, फरवरी में पूरी की जाएगी। मार्च से एडमिट कार्ड डाउन लोड किए जा सकेंगे। रजिस्ट्रार ने कहा कि कुलपति प्रो. एमजेड खान के साथ मीटिंग करकेे जल्द ही पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बीटेक की 780 सीटें भरी जाएंगी
टेक्निकल यूनिवर्सिटी में बीटेक इंजीनियरिंग, साइंस एंड टेक्नोलॉजी की सीटें बढ़कर 780 हो जाएंगी। अभी 390 सीटें हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि जिन ब्रांचों में 30-30 सीटें हैं, उनमें बढ़ाकर 60-60 की गई हैं। बढ़ी सीटों के हिसाब से ही शैक्षिक सत्र 2017-18 की एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दो और स्कूल खुलेंगे
यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट और कॉलेज ऑफ ह्यूमिनिटीज की स्थापना भी होगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एमबीए की सीटें कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) या फिर मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (मैट) से भरी जा सकती हैं। ह्यूमिनिटीज की प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी।
एमटेक, पीएचडी की सीटें भी बढ़ेंगी
एमटेक और पीएचडी की सीटें भी बढ़ेंगी। इसकी एडमिशन प्रक्रिया यूनिवर्सिटी अपने स्तर से पूरी करेगी। अपना एंट्रेंस टेस्ट भी करा सकती है।
यूजीसी को दी जानकारी
टेक्निकल इंस्टीट्यूट के यूनिवर्सिटी बनने की जानकारी मंगलवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) को भेज दी गई। रजिस्ट्रार की तरफ से कहा गया कि अब इंस्टीट्यूट की जगह यूनिवर्सिटी नाम से पत्राचार किया जाए। यही जानकारी कानपुर नगर और लखनऊ के अन्य सरकारी, गैर सरकारी संस्थान के प्रमुखों को दी गई है।
परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति जल्द
यूनिवर्सिटी में स्थायी परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति जल्द होगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है। शासन ने कुलपति, वित्त नियंत्रक और रजिस्ट्रार को नियुक्ति दे दी लेकिन परीक्षा नियंत्रक का मामला लटका है। प्रोफेसर प्रमोद कुमार कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक की भूमिका में हैं।