पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश शर्मा का कहना है कि स्कूलों में अब केवल परिणाम पर ध्यान दिया जाता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के बजाय उनकी प्रतिशत अंक ज्यादा कैसे आए, केवल उस तरह की पढ़ाई कराई जाती है।
बच्चों से रट्टा मारवाया जा रहा है। यही कारण है कि बच्चे परीक्षाओं में उसी हिसाब से सवालों के जवाब लिखते हैं। सरकारी स्कूलों पर तो शिक्षा विभाग का ध्यान बिल्कुल भी नहीं है।
शर्मा का कहना है कि सरकारी स्कूलों का परिणाम घटने का कारण स्कूलों में शिक्षकों व सुविधाओं की कमी होना है। जबकि निजी स्कूल संचालक केवल स्कूल के रिजल्ट पर ध्यान देते हैं।