हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सोमवार को जारी 10वीं कक्षा के परिणाम ने एक बार फिर सभी को हैरत में डाल दिया। 12वीं के बाद 10वीं कक्षा के परिणाम में भी जिला फिसड्डी साबित हुआ। परीक्षा परिणाम में 21वें पायदान पर आने के बाद दिल्ली से सटे फरीदाबाद की शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई।
हालांकि, विशेषज्ञों ने 12वीं के परिणाम के बाद 10वीं के नतीजे खराब रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन इतना खराब परिणाम आएगा इसका अंदाजा तक नहीं था। सोमवार शाम को चार बजे परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया जिसमें 7954 परीक्षार्थियों को ही कामयाबी मिल पाई है। इस बार 10वीं में 11478 परीक्षार्थी फेल हुए हैं।
वहीं, 1066 विद्यार्थियों की री-अपीयर आई है। बता दें कि, इस बार 10 की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 20498 विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे। प्रदेश के 21 जिलों में सबसे खराब परीक्षा परिणाम फरीदाबाद का रहा है।
12वीं के परिणाम में भी जिला 21वें पायदान पर था। उधर, स्वयंपाठी (प्राइवेट) परीक्षा परिणाम भी मात्र 31.79 प्रतिशत रहा है। हालांकि, स्वयंपाठी परिणाम में मुख्यमंत्री का गृहजिला करनाल फरीदाबाद से भी पीछे हैं। यहां का परिणाम 31.12 फीसदी रहा है।
पिछले तीन वर्ष का परीक्षा परिणाम
वर्ष प्रतिशत प्रदेश में स्थान
2015 37.33 14 वां
2016 34.47 21 वां
2017 38.80 21 वां
प्रदेश के अन्य जिलों से तुलना
जिला परीक्षा परिणाम फेल विद्यार्थी पास विद्यार्थी
पलवल 48.78 7619 8316
मेवात 43.63 4094 3679
करनाल 41.35 9229 7139
स्वयंपाठी विद्यार्थियों का परिणाम एक नजर में
आवेदन करने वालों की संख्या -5067
परीक्षा में शामिल विद्यार्थी -3456
पास विद्यार्थी -1611
परीक्षा परिणाम प्रतिशत -31.79
प्रदेश में स्थान -20 वां