औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) गुरुग्राम को मॉडल आईटीआई के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसे अपग्रेड करने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। जिसकी स्वीकृति प्रदेश सरकार द्वारा दे दी गई है। यह कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि इस संस्थान से प्रधानमंत्री के कौशल विकास योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस बात की जानकारी गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमेश अग्रवाल ने दी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम आईटीआई प्रदेश के पुराने तकनीकी शिक्षण संस्थानों में से एक है। इसकी स्थापना अलग हरियाणा के गठन से पहले तत्कालीन पंजाब में 60 वर्ष पहले हुई थी।
इस दौरान यहां कई नए-नए ट्रेड भी जुड़ते रहे जिनका प्रशिक्षण लेकर हजारों युवाओं ने अपना भविष्य संवारा है। अब इसका कायाकल्प कर और आधुनिक बनाया जाएगा। आईटीआई की इमारत काफी पुरानी हो गई है इसी कारण सरकार इसको अपग्रेड करना चाहती है।
यहां नए और आधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों की भी जरूरत है। इस पर दस करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। जिससे यह प्रदेश की आदर्श आईटीआई के रूप में स्थापित होगी और यहां से प्रशिक्षण लेने वाले युवा देश-विदेश में नाम रोशन करेंगे।
विधायक ने आईटीआई के उत्थान के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व प्रदेश के उद्योग मंत्री विपुल गोयल का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सीएम शिक्षा विकास व विकास की योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं।
साथ ही वह युवाओं के रोजगार को लेकर काफी संजीदा हैं। सरकार की मंशा है कि प्रदेश के सभी उद्योगों के स्थानीय युवा अपनी दक्षता से अपना स्थान बनाएं। इसी कारण कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है।