दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बुधवार को गेस्ट टीचरों व सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत अध्यापकों को नियमित करने के लिए लाए जाने वाले सरकार के बिल को मात्र सस्ती लोकप्रियता पाने वाला खोखला कदम करार दिया है।
इस बिल में 17 हजार टीचरों के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक गंभीरता और संवेदनशीलता दृष्टिगत नहीं होती। सदन में इससे अधिक दायित्वपूर्ण, गहराई वाला, वैधानिक व संवैधानिक रूप से न्यायसंगत बिल प्रस्तुत किया जाना चाहिए था।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने प्रस्तावित बिल में उसे शिक्षा, वित्तीय और न्याय व विधि विभागों से परीक्षित कर लेने को उल्लेखित नहीं किया है और उनकी दृष्टि से बिल न्यायोचित व सक्षम है। किसी भी बिल को अमलीजामा पहनाने के लिए यह आवश्यक है कि वह संबंधित विभागों, वित्तीय व विधि विभाग से अनुमोदित किया गया हो। ब्यूरो