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जीबीयू: गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति पर फिर विवाद

Tue, 01 Aug 2017 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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कासना स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति पर फिर से विवाद खड़ा हो गया है। इस बार आम आदमी पार्टी की ओर से विश्वविद्यालय के चांसलर और प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ योगी को पत्र भेजकर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। आरोप है कि यूजीसी की गाइडलाइन को दरकिनार कर प्रबंधन ने मनमाने तरीके से अपने चहेतों को रखा है।
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आम आदमी पार्टी की ओर से प्रवक्ता हरीश अवस्थी का आरोप है कि जीबीयू में पहले भी भर्ती में गड़बड़ी की बात सामने आई थी, जिसको लेकर कोर्ट में भी कई मामले चल रहे हैं। अब 2017-18 के लिए गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति में यूजीसी के मानकों को अमल में नहीं लाया गया है।

गौरतलब है कि यूजीसी के मानकों के अनुसार गेस्ट फैकल्टी के लिए पिछले वर्ष न्यूनतम योग्यता असिस्टेंट प्रोफेसर मांगी गई थी, जिसमें 100 से लेकर 150 तक एपीआई स्कोर (ली गई क्लॉसेज और पब्लिश हुए पेपर का जोड़) होना चाहिए।
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आरोप है कि फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में गेस्ट फैकल्टी को रखने में मानकों को दरकिनार कर योग्य अभ्यर्थियों को नहीं रखा गया और अयोग्य को सिफारिश पर रख लिया गया है। वहीं, आरोप है कि गेस्ट फैकल्टी का इंटरव्यू लेने के लिए निजी विश्वविद्यालय से एक्सपर्ट को बुलाया गया, जबकि सरकारी विश्वविद्यालय से भी एक्सपर्ट बुलाए जा सकते थे। इससे साफ है कि गेस्ट फैकल्टी का चयन नियमानुसार नहीं किया गया है। आम आदमी पार्टी ने सीएम से कार्रवाई की मांग की है।

इंटव्यू लेने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर को बुलाया
आम आदमी पार्टी द्वारा दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति के लिए आए असिस्टेंट प्रोफेसर्स अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लेने के लिए एक असिस्टेंट प्रोफेसर को आमंत्रित किया गया था, जबकि नियमानुसार असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन करने के लिए इंटरव्यू केवल एक प्रोफेसर रैंक का व्यक्ति ले सकता है।
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