अब सीए कर रहे छात्र जीएसटी व इंडियन एकाउंटिंग स्टैंडर्ड की पढ़ाई करेंगे। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) अगले माह से छात्रों के लिए एक रिफ्रेशर कोर्स शुरु करने जा रहा है। कोर्स के अंतर्गत छात्रों को जीएसटी कानून के प्रावधानों के साथ-साथ जीएसटी के विभिन्न आयामों की जानकारी दी जाएगी। आईसीएआई का मानना है कि यह कोर्स भविष्य में जीएसटी मुद्दों को संभालने में छात्रों के कौशल को बढ़ाएगा।
आईआईटी दिल्ली के 48वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने आईआईटी दिल्ली के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे वंचित बच्चों के लिए स्कूलों को अपनाने और सहयोग करें और देखें कि वे अपने विकास में और लोगों की क्षमता बढ़ाने के लिए कैसे योगदान कर सकते हैं।
आईसीएआई के बोर्ड ऑफ स्टडीज की ओर से शुरु किए जा रहे इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को नए अप्रत्यक्ष कर अर्थात जीएसटी के मूल सिद्धांतों की वैचारिक समझ विकसित करना है। चूंकि जीएसटी एक पूरी तरह से नया कानून है और थोड़ा जटिल है। ऐसे में यह महसूस किया गया कि सीए छात्रों को इसके लिए शिक्षित करने की आवश्यकता है। यह भविष्य में उनके कैरियर के विकास में एक नया आयाम जोड़ देगा।
छ दिन(36 घंटे) की अवधि वाले इस जीएसटी कोर्स की शुरुआत 17 दिसंबर से होगी और 7 जनवरी तक कक्षाएं लगेगी। जबकि इंडियन एकाउंटिंग स्टैंडर्ड की शुरुआत 13 जनवरी से होगी 28 जनवरी तक कक्षाएं होंगी। दोनों ही कोर्सेज का कुछ हिस्सा वेबकॉस्ट से व कुछ हिस्सा कक्षाओं में समझाया जाएगा। कोर्स को पूरा करने केबाद छात्रों को एक कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन टेस्ट 50 फीसदी अंकों के साथ पास करने की जरुरत होगी। इसकेबाद ही वह संस्थान केबोर्ड ऑफ स्टडी से प्रमाण पत्र प्राप्त कर पाएंगे।