मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे सरकारी स्कूलों की मनोहर सरकार ने सुध लेनी शुरू कर दी है। जर्जर हालत मे पहुंच चुके प्रदेश के तीन सरकारी स्कूलों को सरकार ने अच्छा खासा फंड दिया है। इन स्कूलों में शहर का राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी है। जहां सरकार स्कूल पर 704.29 लाख रुपये खर्च करेगी।
क्षतिग्रस्त बिल्डिंग, टूटा फर्श, दीवारों में दरारें ये हालत है राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की है। इस स्कूल में सुविधाओं की बात करना भी बेमानी साबित हो रहा है। स्कूल के कमरों में आई दरार कभी भी हादसे का सबब बन सकती है।
आलम ये है कि दो सत्रों में चलने वाले इस स्कूल बैठने के लिए कमरे भी पर्याप्त नहीं हैं। जो कमरे है, उनकी हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के मौसम में कमरों की छत टपकती है। जिसके कारण स्कूल प्रशासन को छुट्टी करनी पड़ती थी।
हालांकि अब जल्द ही स्कूल के दिन फिरने वाले है। हाल ही में शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ने स्कूल की बिल्डिंग निर्माण पर 704.29 लाख रुपये खर्च करने की घोषणा की है। विधायक मूलचंद शर्मा का कहना है कि पिछले साल मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में हुई विकास रैली में यह मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री ने रैली में इस मांग को तुरंत मान लिया था। जल्द ही स्कूल में बिल्डिंग बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।