दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश त्यागी के ड्रीम प्रोजेक्ट दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म में बाहरी विद्यार्थी भी जर्नलिज्म में पीजी (एम.ए) कर सकेंगे। पांच वर्षीय इंटरग्रेटिड कोर्स में तीन साल बाद बाहरी विश्वविद्यालयों से जर्नलिज्म में यूजी कर चुके विद्यार्थियों को भी दाखिले का अवसर मिलेगा। हालांकि कितने विद्यार्थियों को मौका मिलेगा इसके लिए अभी सीटें तय होना बाकी हैं। उल्लेखनीय है कि डीयू में अब तक जर्नलिज्म के लिए कोई विभाग नहीं है।
दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की ओएसडी डॉ. मनस्विनी योगी ने बताया कि इस पांच वर्षीय कोर्स में प्रावधान इस तरह का है कि यदि किसी विद्यार्थी ने किसी अन्य विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में यूजी किया है तो उसे भी चौथे साल में पीजी में दाखिले का अवसर मिल सकेगा। चूंकि इस कोर्स में तीन साल बाद कोर्स छोड़ने का प्रावधान है लिहाजा पीजी में कितनी सीटें होगी यह बाद मेें ही तय होगा। उनके लिए अलग से बाद में प्रक्रिया चलेगी।
वर्तमान में जो छात्र पांच वर्षीय कोर्स के अंतर्गत दाखिला लेकर अपना कोर्स पूरा करेगा तो उसे पांच वर्षीय कोर्स की ही डिग्री मिलेगी। जबकि यदि कोई तीन साल की पढ़ाई पूरा कर कोर्स छोड़ना चाहेगा उसे यूजी की डिग्री मिलेगी। तीन साल बाद जितने लोग कोर्स को छोड़ेंगे उसके आधार पर ही बाहरी छात्रों को दाखिले का अवसर मिलेगा। फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस के तहत शुरू हो रहे पांच वर्षीय इंटरग्रेटिड कोर्स में हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के लिए 60-60 सीटें तय की गई हैं।