शिक्षा निदेशालय ने आनंद पर्वत स्थित रामजस स्कूल को नोटिस दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ निदेशालय में शिकायत की थी। स्कूल प्रशासन के खिलाफ बच्चों को शारीरिक दंड की शिकायत भी दी गई थी।
शिकायत की जांच के बाद उप शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रशासन को शारीरिक दंड मामले में लिप्त पाया। स्कूल चेयरमैन को कहा गया है कि स्कूल में इस तरह के कार्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता है और इसे बंद किया जाना चाहिए।
जिला उपशिक्षा अधिकारी (जिला-ए) की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शारीरिक दंड स्वीकार्य नहीं है और स्कूल प्रशासन को संबंधित शिक्षक के खिलाफ आरटीई एक्ट 2009 की धारा 17(1) के तहत कदम उठाना चाहिए। वहीं, अभिभावकों ने स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ भी शिकायतें दी है। अभिभावकों को शिकायतें मिली है कि शिक्षक बच्चों को प्रताड़ित करते हैं। यह शिक्षक की आचार संहिता के खिलाफ है और बहुत आपत्तिजनक है।
चेयरमैन को स्कूल में इस तरह के कार्य बंद करने चाहिए। चेयरमैन को इन शिकायतों को अपने स्तर पर देखने के लिए कहा गया है, साथ ही इस बात को सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है कि प्रिंसिपल स्कूल का वातावरण सही बना कर रखे। स्कूल प्रशासन के खिलाफ जिन अभिभावकों ने मुकदमे कर रखे हैं कि ऐसे अभिभावकों के बच्चों के साथ भेदभाव वाली कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह ही स्कूल अभिभावकों ने प्रिंसिपल के खिलाफ रामजस फाउंडेशन के बाहर एक बड़ा प्रदर्शन कर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की थी।