दिल्ली विश्ववद्यालय में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से शुरु किए गए पांच वर्षीय पत्रकारिता पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को अब दो नई क्षेत्रीय भाषाओं को पढ़ने का भी विकल्प मिलेगा। अब इस कोर्स में विद्यार्थी उर्दू व संस्कृत की पढ़ाई भी कर सकेंगे। डीयू स्टैडिंग कमेटी ने मंगलवार को इन दो नई क्षेत्रीय भाषाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही इस पाठयक्रम में अब दो भाषाओं की जगह कुल चार क्षेत्रीय भाषाएं हो गई।
मंगलवार को डीयू स्टैडिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में पत्रकारिता कोर्स में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किए जाने को लेकर चर्चा हुई। स्टैडिंग कमेटी सदस्य डॉ आर.एन दुबे ने बताया कि बैठक में पांच वर्षीय पत्रकारिता कोर्स में दो क्षेत्रीय भाषाओं उर्दू व संस्कृत को भी शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई।
अब यह दोनों क्षेत्रीय भाषाएं इसी सत्र से लागू हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि अब तक इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को चार विदेशी भाषा चाइनीज, फ्रैंच, स्पेनिश व अरेबिक व दो क्षेत्रीय भाषाओं तमिल और बंगाली का अध्ययन दस सेमेस्टर तक पढ़ने का प्रावधान है। अब तक चार विदेशी भाषा में से किसी एक भाषा और दो क्षेत्रीय भाषा में से किसी एक भाषा के अध्ययन की व्यवस्था है।
यह पाठ्यक्रम शुरु होने पर डीयू प्रशासन ने साफ किया था कि बाजार की जरुरत के हिसाब से भविष्य में अन्य भाषओं को भी जोड़ा जाएगा। डॉ दुबे ने बता कि बैठक में उन्होंने सीबीसीएस(च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) के सिलेबस के संबंध में भी सवाल कया। इस पर समकुलपति की और से जवाब दिया गया कि सीबीसीएस के सिलेबस को रिवाइज्ड करने के लिए कमेटी बन चुकी है। कमेटी ने अपना काम करना शुरू कर दिया है। इस मामले में कमेटी क्रमवार तरीके से ही काम करेगी।