दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2016-17 के अंतर्गत नए कोर्स शुरू न होने के कारण सीटें बड़ने की संभावना नहीं दिख रही है। डीयू के 19 कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट स्तर पर लगभग 35 नए कोर्स शुरू होने थे लेकिन अब इसकी प्रक्रिया लटक गई है।
यूजीसी ने डीयू की मंजूरी से इन कोर्सों को सेल्फ फाइनेंसिंग मोड में शुरू करने के लिए कहा था। कोर्सों को सेल्फ फाइनेंसिंग मोड में शुरू करने के लिए एकेडमिक काउंसिल व एक्जिक्यूटिव काउंसिल (एसी-ईसी) से पास होना जरूरी है।
जबकि डीयू में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब तक एसी व ईसी से मंजूरी नहीं मिली है। दिल्ली विश्वविद्यालय एकेडमिक काउंसिल (एसी) सदस्य व नए कोर्स की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य डॉ नचिकेता सिंह ने बताया कि इस बार नए कोर्स शुरू होने पर सीटें बढ़ने की संभावना थी लेकिन अब ऐसा नहीं होता दिख रहा है।
पहले एक लंबी प्रक्रिया के बाद नए कोर्सों को शुरू करने के लिए एसी व ईसी से मंजूरी मिली थी। ऐसे में कॉलेजों ने इन्हें शुरू करने के लिए यूजीसी से मंजूरी मांगी।
यूजीसी ने इन कोर्सों को सेल्फ फाइनेंसिंग स्तर पर चलाने को कहा। इसका कारण यह है कि पहले ये कोर्स रेगुलर शुरू होने थे लेकिन सेल्फ फाइनेंसिंग की मंजूरी से इनकी प्रकृति बदल गई है, जिससे एसी व ईसी की मंजूरी लेना जरुरी है।
अब चूंकि आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो इनके लिए आवेदन नहीं लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि सेल्फ फाइनेंसिंग होने पर इन कोर्सों की फीस और सामान्य कोर्सों की फीस में एक बड़ा अंतर आ जाता।