दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी में 70 फीसदी से कम उपस्थिति होने पर परीक्षा में बैठने से रोके जाने वाले विद्यार्थियों को राहत नहीं मिली है। उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल जाएगी।
उधर, जहां कुछ विद्यार्थियों की परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई तो कुछ की परीक्षा 12 दिसंबर से होगी। लॉ फैकल्टी का कहना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार ही ऐसा कदम उठाया गया है।
डीयू छात्र संघ सचिव महामेधा नागर ने कहा कि उन्होंने अभी कोर्ट का रुख नहीं किया है। उन्होंने कहा था कि प्रवेश पत्र नहीं दिए जाने को लेकर कोर्ट का रुख करेंगे। बता दें कि महामेधा सहित ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 263 है।
महामेधा ने कहा कि बात सिर्फ एक या दो विद्यार्थियों की होती तो लॉ फैकल्टी प्रशासन की मनमानी सामने नहीं आती, लेकिन मामला 263 विद्यार्थियों का है। उधर, फैक्लटी ऑफ डीन प्रो. वेद कुमारी ने कहा कि छात्रों को जितना लाभ दे सकते थे, दे चुके हैं। जो कदम उठाया गया है, वह बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत है।